
अंबिकापुर. चावल खाने के बाद एक पुलिसकर्मी के पेट में दर्द होने लगा। दोबारा उसने चावल खाया तो उल्टियां होने लगी। उसे यह आशंका हुई कि कहीं उसने प्लास्टिक चावल तो नहीं खा लिया। इसके बाद उसने चावल का गोला बनाकर जमीन पर पटका तो वह रबर बॉल की तरह उछला। इससे उसका शक यकीन में बदल गया। उल्टी-दस्त होने पर पुलिसकर्मी को परिजनों द्वारा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिसकर्मी ने शहर में भी प्लास्टिक चावल बिकने की आशंका जताई है।
गौरतलब है कि इन दिनों दुकानों में प्लास्टिक चावल बिकने की खबरें आ रही हैं। इस चावल को खाने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला पुलिस लाइन में पदस्थ एक आरक्षक के साथ देखने को मिला। सरगुजा जिले के लखनपुर निवासी शिवकुमार कुर्रे पिता मनीराम 25 वर्ष पुलिस लाइन में आरक्षक के पद पर पदस्थ है। वह अपनी के साथ किराए के मकान में पुलिस लाइन के आस-पास ही रहता है।
बुधवार को वह पीजी कॉलेज के सामने स्थित एक किराने की दुकान से चावल लेकर रूम में लौटा। चावल खाने के बाद वह प्रजापिता ब्रम्हकुमारी मंदिर के पास ड्यूटी करने चला गया। इस दौरान उसके पेट में दर्द होने लगा। रात को जब वह ड्यूटी से घर लौटा तो दोबारा उसने चावल खा लिया। इससे उसकी तबीयत और बिगड़ गई। उसे उल्टी व दस्त होने लगा।
आशंकावश उसने घर में बने चावल का गोला बनाकर उसे जमीन पर पटका तो चावल बॉल की तरह उछला। ऐसे में उसे लगने लगा कि कहीं उसने प्लास्टिक चावल तो नहीं खा लिया। हालत में सुधार नहीं होने पर परिजनों द्वारा शुक्रवार की सुबह उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां उसका इलाज जारी है।
सोशल मीडिया में देखा था प्लास्टिक चावल
आरक्षक का कहना है कि उसने व्हाट्सएप पर प्लास्टिक चावल की वीडियो देखी थी। उसमें प्लास्टिक चावल जांच करने की विधि बताई गई थी। इसी के अनुसार उसने चावल का गोला बनाकर जमीन पर पटका था। उसने आशंका जताई है कि वह जिस चावल को खरीदकर लाया था वह प्लास्टिक की है।