4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Ambikapur Fake Doctor: फर्जी डिग्री से महावीर अस्पताल में 2 साल से डॉक्टर की नौकरी, आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

Mahaveer Hospital Ambikapur: शहर के गांधीनगर सुभाषनगर स्थित अस्पताल में पिछले 2 साल से आईसीयू में फर्जी डिग्री के आधार पर बना हुआ था डॉक्टर
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अंबिकापुर

•

image

Ram Prawesh Vishwakarma

•

Updated: 4 Nov 2026, 8:18 PM IST

Mahaveer hospital fake doctor case

Ambikapur Fake Doctor, अंबिकापुर कोर्ट (Photo- Patrika)

अंबिकापुर। शहर के महावीर अस्पताल में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज के आधार पर एक व्यक्ति 2 साल से डॉक्टर की नौकरी कर रहा था। मामला सामने आने के बाद जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच पश्चात अस्पताल का लाइसेंस एक माह के लिए निलंबित कर दिया था। वहीं मामला (Fake Doctor case) सामने आने के बाद आरोपी फरार चल रहा है। इधर आरोपी नुरेन आलम ने अंबिकापुर कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। आरोपी पर दूसरे व्यक्ति की डिग्री में कूटरचना कर फर्जी दस्तावेज के आधार पर अस्पताल में काम करने का आरोप है। मामले में गांधीनगर पुलिस ने अपराध दर्ज किया है।

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के तुरकौलिया थाना क्षेत्र के फततौला निवासी नुरेन आलम (30) अंबिकापुर के गांधीनगर, सुभाषनगर साईं मंदिर के सामने स्थित महावीर अस्पताल में फिजियोथेरेपी सहायक के रूप में काम कर रहा था। 16 अक्टूबर को जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया था।

इस दौरान अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों और कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता व पंजीयन संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में नुरेन आलम के पंजीयन प्रमाण पत्र पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन किया गया। स्कैन करने के बाद यह बात सामने आई कि प्रमाण पत्र किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर जारी है।

अभिज्ञान कुमार के नाम पर था दस्तावेज

नुरेन आलम के दस्तावेज में दर्ज जानकारी के अनुसार उक्त प्रमाण पत्र झारखंड निवासी अभिज्ञान कुमार का होना पाया गया। आरोप है कि नुरेन आलम ने दूसरे व्यक्ति की डिग्री में कूटरचना कर उसका उपयोग नौकरी पाने के लिए किया था। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की टीम ने गांधीनगर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामला सामने आने के बाद फर्जी डॉक्टर फरार हो गया था।

अग्रिम जमानत याचिका खारिज

आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अंबिकापुर कोर्ट में अग्रिम जमानत आवेदन प्रस्तुत किया था। मामले में सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश अंबिकापुर की कोर्ट ने प्रकरण के तथ्यों और अभियोजन के तर्कों पर विचार करने के बाद 3 नवंबर को आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी। शासन की ओर से लोक अभियोजक प्रकाश मणि त्रिपाठी ने पैरवी की।