
अंबिकापुर. सरगुजा कलक्टर किरण कौशल 24 सितंबर को मैनपाट भ्रमण पर थीं। इस दौरान ग्राम सरभंजा पहुंचते ही उन्हें खेत में काम करते कुछ मजदूर दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने अपना वाहन रुकवाया और मजदूरों से मिलने पहुंच गईं। यहां उन्होंने देखा तो तिब्बती समुदाय के लोग खेत से आलू निकाल रहे थे।
यह देख उनसे भी रहा नहीं गया और वे खुद खेत से आलू निकालने में जुट गईं। आलू के पौधे हाथ में लेकर उन्होंने किसान से इस संबंध में पूछताछ की। तिब्बती किसान ने भी उनकी इस बात का खुलकर जवाब दिया। इसके बाद कलक्टर वहां से आगे निकल गईं।
कलक्टर किरण कौशल ने रविवार को अपने मैनपाट भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत सरभंजा के सड़क से लगे खेत में तिब्बती कृषक को मजदूरों के साथ आलू निकालते देख कौतुहलवश उनसे मिलने कार रूकवाकर सीधे खेत में पहुंच गई और उनसे आत्मीयता से बातचीत करते हुए आलू की उत्पादकता एवं फायदे के संबंध में जानकारी ली। कलक्टर ने तिब्बती कृषक गेलेक से आलू लगाए गए जमीन की रकबा, लागत, मजदूरों की संख्या, मजदूरी दर तथा विपणन इत्यादि के बारे में पूछताछ की।
कृषक गेलेक ने बताया कि करीब डेढ़ एकड़ भूमि में जून महीने में उन्होंने आलू की खेती की थी। उन्होंने बताया कि आलू निकालने के लिए पिछले दो दिनों से 50 मजदूरों को 100 रुपए प्रतिदिन प्रति मजदूर की दर से मजदूरी भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब 200 बोरी आलू का उत्पादन हुआ है जिसे अम्बिकापुर के व्यापारी को बिक्री करते हैं। उन्होंने बताया कि आलू का विक्रय अंबिकापुर के व्यापारियों के पास करते हैं।
गेलेक ने आलू की बिक्री से करीब 1 लाख रुपए आमदनी होने का अनुमान लगाया। कलक्टर किरण कौशल ने कृषि संबंधी शासकीय योजनाओं के संबंध में कृषि विभाग से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी तथा उन्नत कृषि के लिए प्रेरित करते हुए अन्य किसानों को भी प्रोत्साहित करने की पहल करने की अपील की। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष फूलेश्वरी सिंह, वनमण्डलाधिकारी प्रियंका पाण्डेय, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी महावीर राम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।