
अंबिकापुर. Commits Suicide: प्रयास विद्यालय के छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही 12वीं की छात्रा ने हॉस्टल के कमरे में बुधवार की शाम को फांसी लगाकर आत्महत्या (Commits suicide) कर ली। पुलिस ने बताया कि मृतका पढ़ाई को लेकर तनाव में रहती थी। 12वीं में उसे फेल होने का डर सता रहा था। वहीं छात्रा के पिता का कहना था कि बोर्ड की ऑफलाइन परीक्षा (Board offline exam) होने की बात सुनकर वह टेंशन में रहती थी। वहीं अगले साल विज्ञान विषय लेकर वह पढऩा नहीं चाहती थी। उसे डर था कि तैयारी हुई नहीं है और यदि ऑफलाइन परीक्षा होगी तो वह फेल हो जाएगी। छात्रा द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर पीएम पश्चात परिजन को सौंप दिया।
सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बिरिमकेला निवासी प्रतिभा रानी पिता सब्बल साय 17 वर्ष अंबिकापुर के गंगापुर स्थित प्रयास छात्रावास में रहकर 12वीं में पढ़ाई करती थी। वह कुछ दिनों से अपने घर में थी। स्कूल खुलने पर १५ फरवरी की शाम को वह अपनी बड़ी मां के साथ छात्रावास में आई थी।
वह एक और छात्रा के साथ छात्रावास के एक कमरे में रहती थी पर कुछ दिनों से प्रतिभा की रूम पाटर्नर अपने घर में थी। बुधवार की शाम को छात्रावास की अधीक्षिका सभी छात्राओं की हाजिरी लेने लगी तो प्रतिभा अनुपस्थित थी। अधीक्षिका प्रतिभा के कमरे में जाकर देखी तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था।
खिड़की से जाकर देखी तो छात्रा फंदे पर लटकी हुई थी। अधीक्षिका ने घटना की जानकारी गांधीनगर पुलिस व परिजन को दी। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मामले की जांच की। पुलिस ने छात्रा का शव फंदे से उतरवाकर पीएम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया। गुरुवार को परिजन की उपस्थिति में पीएम कराकर उन्हें सौंप दिया गया।
फेल होने का था डर
गांधीनगर टीआई अलरिक लकड़ा ने बताया कि मृतका के पिता ने बताया कि स्कूल बंद (School closed) रहने पर वह घर में ही थी। वह पढ़ाई को लेकर डिप्रेशन (Depression) में रह रही थी। मृतका अपने पिता से कहती थी कि अगले वर्ष से साइंस लेकर नहीं पढ़ाई करूंगी।
पिता का कहना था कि उसके मन में डर बना था कि पढ़ाई सही से नहीं हुई है और ऑफलाइन परीक्षा होगी, कहीं न कहीं उसे फेल होने का डर बना हुआ था। इस बात को लेकर वह तनाव (Tension) में भी रहती थी।