Corona test: आम जनता को राहत देने राज्य शासन (State Government) के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग (Health Department) ने जारी किया है आदेश, इन सेवाओं के लिए लगेगा 200 रुपए का अतिरिक्त चार्ज (Extra charge)
अंबिकापुर. कोविड संक्रमण (Covid-19) की रोकथाम के लिए राज्य शासन(Chhattisgarh Government) ने आम जनता को राहत देने की दृष्टि से निजी पैथोलॉजी लैबों और अस्पतालों में कोविड-19 की जांच के लिए आरटीपीसीआर तथा एंटीजन रैपिड टेस्ट की दरों में काफी कमी की है।
निजी लैबों (Private labs) और अस्पतालों में रैपिड एंटीजन टेस्ट के लिए 150 रुपए का शुल्क तय किया गया है। इसमें जांच, कन्जुमेबल्स, पीपीई किट (PPE kit) इत्यादि शुल्क शामिल हैं।
प्रदेश के लैबों एवं अस्पतालों में आरटीपीसीआर जांच (RT-PCR test) के लिए 550 रुपए की दर निर्धारित की गई है। दोनों जांच के लिए संभावित मरीज के घर से सैंपल संकलित किए जाने पर अतिरिक्त शुल्क 200 रुपए लिए जाएंगे। ट्रूनॉट टेस्ट के लिए जांच शुल्क 1300 और मरीज के घर जाकर लेने पर 200 रुपए अतिरिक्त लगेंगे।
स्वास्थ्य विभाग (Health Department) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सभी निजी चिकित्सालयों एवं पैथोलॉजी केन्द्रों में जांच दर को मरीज प्रतीक्षालय, बिलिंग काउंटर पर प्रदर्शित किया जाना अनिवार्य होगा।
निजी अस्पतालों के लिए कोरोना उपचार की दर निर्धारित
राज्य शासन द्वारा कोविड उपचार (Corona treatment) की अनुमति प्राप्त प्राइवेट अस्पताल जो डॉ खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना एवं आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat scheme) में भी पंजीकृत हैं, ऐसे समस्त अस्पतालों में कोविड उपचार की दर संबंधी आदेश जारी किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस योजना के तहत प्रतिदिन के मान से जनरल वॉर्ड हेतु 2 हजार रुपए, एच डी यू (ऑक्सीजन के साथ) 5 हजार 500 रुपए, आईसीयू (बिना वेंटिलेटर के) 7 हजार रुपए और आईसीयू (वेंटिलेटर के साथ) 9 हजार रुपये निर्धारित किए गए हैं।
आरटीपीसीआर की दर 550 रुपए रखी गई है। उपरोक्त पैकेज दर की परिभाषा एबी-पीएमजेवाई 2.0 गाइडलाइन के अनुसार होगी। सीटी स्कैन (City scan) की जांच पर विशेष परिस्थिति में प्रतिबंध हटाया गया है जिससे कोविड-19 महामारी के दौरान भर्ती मरीज को इसकी सुविधा मिल सके।
ज्ञात हो कि इसके पूर्व विभाग ने 12 अप्रैल को निजी अस्पतालों (Private hospitals) में उक्त योजनाओं के तहत पंजीकृत लोगों के लिए 20 प्रतिशत बिस्तर आरक्षित करने के आदेश जारी किए थे।