Kidnap and murder: नवंबर 2020 में साथ में जमीन खरीद-बिक्री करने वाले 3 युवकों ने दिया था वारदात को अंजाम, जमीन डीलिंग में गड़बड़ी करने पर मृतक से तीनों थे नाराज, अपहरण के दूसरे दिन जंगल में मिली थी लाश
अंबिकापुर. Kidnap and murder: जमीन खरीद-बिक्री विवाद को लेकर नवंबर 2020 में 3 युवकों ने अपने ही एक साथी का अपहरण कर लिया था। इसके बाद उसे शहर से लगे जंगल में ले गए और लाठी-डंडे व टांगी से मारकर उसकी नृशंस हत्या कर दी थी। इधर मृतक की पत्नी की रिपोर्ट पर पुलिस ने घटना के दूसरे दिन उसका शव बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने 1 महीने बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश अंबिकापुर ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
गौरतलब है कि गांधीनगर निवासी मृतक रामकृपाल साहू जमीन खरीद-बिक्री का काम करता था। 30 नवंबर 2020 को वह बाइक से ग्राम खलिबा गया था। वहीं से खलिबा माझापारा निवासी गंगा राम चेरवा उर्फ चमन पिता श्यामलाल, बृजेश चेरवा उर्फ बतिया पिता सुधराम चेरवा व कृष्णा प्रसाद उर्फ कौदा पिता मुरली मनोहर ने रामकृपाल का अपहरण कर लिया था।
इधर घर नहीं लौटने पर रामकृपाल की पत्नी गायत्री साहू ने गांधीनगर थाने में गुम इंसान का मामला दर्ज कराया था। पुलिस अपहरण का मामला दर्ज कर रामकृपाल की तलाश कर रही थी। इसी बीच 1 दिसंबर 2020 को रामकृपाल की लाश शहर से लगे द्वारिकानगर हुन्ड्रामाड़ा जंगल में मिली थी।
पुलिस ने इस मामले धारा 365, 302, 201 व 34 के तहत उसके साथ जमीन खरीद-बिक्री का काम करने वाले आरोपी खलिबा निवासी गंगा राम चेरवा उर्फ चमन पिता श्यामलाल, बृजेश चेरवा उर्फ बतिया पिता सुधराम चेरवा व कृष्णा प्रसाद उर्फ कौदा पिता मुरली मनोहर को गिरफ्तार कर 12 जनवरी 2021 को न्यायालय में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल दाखिल कर दिया गया था। बताया जा रहा था कि रामकृपाल ने जमीन की डिलिंग में गड़बड़ी की थी, इससे आरोपी उससे नाराज थे।
न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
यह मामला जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नीलिमा सिंह बघेल के न्यायालय में चल रहा था। इस मामले की सुनवाई करते हुए व आरोपियों के खिलाफ दोष सिद्ध पाए जाने पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं सभी पर 500-500 रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।