Crusher Plant Sealed: प्रशासन ने कहा- मामले की चल रही है जांच, दोषी पाए जाने पर क्रशर प्लांट संचालक के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई
अंबिकापुर। बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भेलाई स्थित क्रशर प्लांट (Crusher Plant Sealed) में रविवार को काम के दौरान एक मजदूर हादसे का शिकार हो गया था। दरअसल क्रशर मशीन के कन्वेयर बेल्ट की सफाई के दौरान मजदूर के ऊपर लोहे की भारी-भरकम जाली गिर गई। इससे वह दब गया। वहां मौजूद अन्य मजदूरों द्वारा गैस कटर से जाली काटकर तथा जेसीबी की मदद से गंभीर रूप से घायल मजदूर को बाहर निकाला गया। एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं होने पर आनन-फानन में उसे अन्य वाहन से अंबिकापुर के होलीक्रॉस अस्पताल लाया गया, यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
हादसे के बाद प्रशासन की टीम क्रशर प्लांट (Crusher Plant Sealed) में पहुंची और उसे सील कर दिया। प्रशासन का कहना है कि जिले में संचालित औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की कमी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
सरगुजा जिले के लुंड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खाराकोना निवासी अल्मोन पिता संतू 20 वर्ष गांव के अन्य मजदूरों के साथ 5 मई को राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भेलाई स्थित सिंघल क्रशर प्लांट (Crusher Plant Sealed) में काम करने गया था। 17 मई की दोपहर को उसे कन्वेयर बेल्ट की सफाई के काम में लगाया गया था।
सफाई के दौरान अचानक भारी-भरकम जाली उसके ऊपर गिर गई थी। हादसे में गंभीर रूप से घायल मजदूर की इलाज के दौरान अंबिकापुर के होलीक्रॉस अस्पताल में मौत (Crushed Plant Sealed) हो गई। युवक की मौत के बाद क्रशर प्लांटों में मजदूरों की सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए गए थे।
मामले की सूचना मिलते ही बलरामपुर जिला प्रशासन की ओर से खनिज विभाग की टीम व नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने संबंधित क्रशर मशीन को अग्रिम आदेश तक सील (Crusher Plant Sealed) कर दिया गया। साथ ही जिला श्रम अधिकारी तथा सहायक संचालक इंडस्ट्रीज एंड हेल्थ सेफ्टी द्वारा श्रम एवं औद्योगिक सुरक्षा संबंधी विभिन्न प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई।
मजदूर की मौत मामले (Crusher Plant Sealed) में प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जांच उपरांत दोषी पाए जाने पर संबंधित क्रशर संचालक के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जिले में संचालित औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। साथ ही सभी औद्योगिक इकाइयों को निर्धारित सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने कहा गया है।