Dhanteras 2021: धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरी व मां लक्ष्मी (Mother Laxmi) की पूजा होती है, वहीं धनतेरस (Dhanteras) के दिन लोग कुछ न कुछ वस्तुएं खरीदते हैं, ऐसी मान्यता है कि आज के दिन खरीदी गई वस्तुओं में सालभर में 13 गुना की बढ़ोतरी होती है
अंबिकापुर. अंबिकापुर में बीते दो वर्षों से कोरोना संक्रमण के चलते धनतेरस और दिवाली पर्व के अवसर पर बाजारों में रौनक देखने को नहीं मिली थी। लेकिन इस वर्ष कोरोना संक्रमण नियंत्रण होने की वजह से धनतेरस का बाजार सज चुका हैं। बढ़ती महंगाई के बीच लोग बाजारों में खरीदी करने पहुंच रहे हैं।
इस वर्ष बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है। वहीं 80 करोड़ से अधिक के कारोबार का अनुमान सिर्फ अंबिकापुर शहर में है। बाजार से चाइनीज सामान नदारद हैं, इसकी जगह मेक इन इंडिया प्रोडक्ट की डिमांड ज्यादा है।
कोरोना संक्रमण के चलते लगातार दो साल तक जबरदस्त मंदी झेलने के बाद इस बार धनतेरस और दिवाली के लिए बाजार पूरी तरह से तैयार है। शहर के गुदरी बाजार, देवीगंज रोड सदर रोड सहित अन्य स्थानों पर तीन दिन पहले से ही बाजार पूरी तरह से सज चुके हैं।
मार्केट में अभी से खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ रही है, जिसे देख व्यापारियों के चेहरे खिल उठे हैं। इस साल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते परिवहन किराया महंगा होने के साथ ही अन्य कारणों से गत वर्ष की अपेक्षा सजावटी सामान व बर्तनों की कीमतों में इजाफा हुआ है।
हालांकि, इसके बावजूद सजावटी सामान और बर्तन कारोबारियों को धनतेरस (Dhanteras 2021) और दिवाली (Diwali) पर बहुत अच्छे कारोबार की उम्मीदें हैं।
सामान की कीमतों में इजाफा होने के बावजूद धनतेरस व दिवाली की खरीदारी पर असर पड़ता नहीं दिख रहा है। लगातार दो साल के बाद इस बार लोगों में खरीदारी को लेकर उत्साह है, जिससे बाजार में अच्छे कमाई की उम्मीद है।
बर्तन कारोबारियों का कहना है कि कोरोना के चलते 2 साल से व्यापारी मंदी झेल रहे थे। इस बार कोरोना संक्रमण का असर न होने के कारण बाजार में भीड़ उमड़ रही है, जिससे काफी अच्छा कारोबार होने की संभावना है। कीमतों में पिछले साल की अपेक्षा इजाफा हुआ है, लेकिन इसका कोई फर्क नहीं पडऩे वाला है।
स्वदेशी प्रोडक्ट की बढ़ी मांग
धनतेरस (Dhanteras 2021) व दिवाली के लिए इस बार तीन दिन पहले से ही बाजार सजावटी सामान की खरीदारी के लिए सज चुके हैं। इस बार चीन निर्मित माल काफी कम है और महंगा होने के बावजूद स्वदेशी प्रोडक्ट की मांग है।
सजावटी सामान के कारोबारियों का कहना है कि लोगों में राष्ट्रवाद की भावना जागृत होने के चलते इस बार चाइनीज सामान लगभग पूरी तरह नदारद हैं। सजावटी सामान में केवल मेक इन इंडिया प्रोडक्ट की उपलब्धता है और महंगा होने के बावजूद लोग भी स्वदेशी की ही मांग कर रहे हैं।
सज चुकीं हैं पटाखा दुकानें
कोरोना के थमने के बाद इस बार दीपावली पर्व को लेकर लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। जाहिर है कि इस बार पूरे उमंग के साथ लोग त्योहार मनाएंगे। इसका असर पटाखा बाजार पर भी पड़ेगा। इस बार अंबिकापुर के पीजी कालेज मैदान में लगभग 180 पटाखा की दुकानें लगीं हैं।
वहीं कुछ दुकानों में और भी इजाफा होगा। दुकानदार भी अभी से पटाखा स्टॉक कर चुके हैं। इस बार करोड़ों के पटाखे बिकने की उम्मीद है। इस बार भी फैंसी पटाखे की खास पूछपरख रहेगी। इनको देखते हुए फैंसी पटाखे की विशाल रेंज रखी गई है। वहीं फैंसी अनार, एटम बम, रॉकेट के साथ छोटे फैंसी पटाखे भी खास रहेंगे।
इसके अलावा बच्चों को ध्यान में रखते हुए चकरी, फूलझड़ी आदि की भी बिक्री की जाएगी। इसमें रंगबिरंगी कलर वाली, लडिय़ों वाली आतिशबाजी देखने को मिलेगी। बड़ों के लिए बड़े पटाखों की आपूर्ति की जाएगी। खास यह है कि चाइनीज पटाखों को फिर से भाव नहीं मिलने वाला और देशी पटाखों से ही इस बार की भी दीपावली मनाई जाएगी।
धनतेरस व दीपावली पर ऑनलाइन शॉपिंग
आजकल आनलाइन शापिंग भी कई लोग बेहद पसंद कर रहे हैं। खासकर युवा आनलाइन शापिंग को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। इसमें इलेक्ट्रॉनिक, मोबाइल, कपड़े सहित हर तरह के प्रोडक्ट खरीदे जा रहे हैं। ऑनलाइन शापिंग से पूजा सामग्री सहित घरेलू सामान भी मंगवाया जा रहा है, क्योंकि यहां कई प्रकार के छूट के साथ ऑफर भी उपलब्ध है।