अंबिकापुर

Breaking: युवा व्यवसायी 2 चचेरे भाइयों की पड़ोसी ने की गोली मारकर हत्या, घर के पीछे एक ही गड्ढे में दोनों को दफनाया, 3 हिरासत में

Double murder: पुलिस ने मुख्य आरोपी के घर के पीछे परछी के गड्ढे से दोनों व्यवसायियों का निकलवाया शव, शहर के ब्रम्हरोड को किया गया सील
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Breaking: युवा व्यवसायी 2 चचेरे भाइयों की पड़ोसी ने की गोली मारकर हत्या, घर के पीछे एक ही गड्ढे में दोनों को दफनाया, 3 हिरासत में
Saurabh and Sunil Agrawal and police on the spot

अंबिकापुर. लॉकडाउन के बीच शहर में डबल मर्डर कर सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया। सूत्रों के अनुसार2 युवा व्यवसायी चचेरे भाइयों की हत्या उसके ही पड़ोसी व ड्राइवर ने पिस्टल से गोली मारकर की। हत्या के बाद प्री प्लान के अनुसार घर के पीछे खोदे गए गड्ढे में दोनों की लाश को दफन कर दिया।

वहीं पुलिस को गुमराह करने दोनों आरोपियों ने व्यवसायियों की कार को शहर के एक इलाके मेें लावारिस छोड़ दिया। सीसीटीवी से प्राप्त फुटेज के बाद पुलिस दूसरे दिन ही पहले ड्राइवर फिर मुख्य आरोपी तक पहुंची। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो हत्या (Double murder) की बात स्वीकार कर ली।

शनिवार की देर रात से ही पुलिस के उच्चाधिकारी आरोपियों से पूछताछ करते रहे। रविवार की सुबह एसपी की उपस्थिति में दोनों व्यवसायियों की लाश गड्ढे से खोदकर निकाली गई। वहीं पुलिस ने हथियार उपलब्ध कराने वाले एक अन्य आरोपी को भी हिरासत में ले लिया है। हत्या की वजह रुपयों के लेन-देन को लेकर है।


गौरतलब है कि अंबिकापुर के ब्रम्हरोड निवासी व्यवसायी सौरभ अग्रवाल 27 वर्ष व सुनील अग्रवाल 40 वर्ष चचेरे भाई थे। दोनों 10 अप्रैल की रात घर से अचानक गायब हो गए, उनका मोबाइल स्वीच ऑफ आने लगा। दूसरे दिन 11 अप्रैल को परिजनों की सूचना पर पुलिस उनकी खोजबीन में जुट गई, इसी बीच देर शाम दोनों की कार शहर के आकाशवाणी चौक के पास लावारिस हालत में मिली।

फिर पुलिस ने उस क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज को चेक किया तो एक कार से निकले युवक की पहचान सिद्धार्थ यादव के रूप में हुई। पुलिस ने जब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने ब्रम्हरोड निवासी दोनों व्यवसायी के पड़ोसी आकाश गुप्ता का नाम बताया।

सूत्रों के अनुसार जब पुलिस ने आकाश गुप्ता को भी हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने 10 अप्रैल की रात ही हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। आकाश व उसके कथित ड्राइवर सिद्धार्थ यादव ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद दोनों की लाश आकाश के घर के पीछे पूर्व प्लान के अनुसार खोदे गए गड्ढे में गाड़ दिया।


व्यवसायी ने खरीदा था मुख्य आरोपी का मकान
पत्रिका को विश्ववस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार व्यवसायी सौरभ अग्रवाल ने मुख्य आरोपी आकाश गुप्ता का 6 माह पहले मकान लगभग 2-3 करोड़ रुपए में खरीदा था। आकाश ने पूरे रुपए भी ले लिए थे। 6 महीने में मकान खाली करने की बात तय हुई थी। 6 महीने पूरे होने पर सौरभ ने मकान खाली करने कहा, इस बात को लेकर कुछ दिन पूर्व दोनों के बीच विवाद हो गया था।

मर्डर की प्री-प्लानिंग
सूत्रों के अनुसार विवाद के बाद भी सौरभ व उसके चचेरे भाई सुनील अग्रवाल का आकाश के घर आना-जाना था। वे साथ में बैठकर कैरम भी खेलते थे। विवाद की रंजिश व अपनी प्रोपर्टी बचाने आकाश ने उनकी हत्या का प्लान बना लिया। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने घटना के 6 दिन पहले से ही अपने घर के पीछे की परछी में गड्ढा खोदना शुरु कर दिया था। इस काम में उसके कथित ड्राइवर सिद्धार्थ यादव ने सहयोग किया।


हत्या के बाद शव दफनाया
पत्रिका को सूत्रों से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार प्री-प्लान के बाद 10 अप्रैल की रात आकाश गुप्ता ने सौरभ व सुनील को अपने घर बुलाया। इसके बाद शराब पी और गोली मारकर दोनेां की हत्या कर दी। फिर सिद्धार्थ के साथ मिलकर पहले से खोदे गए गड्ढे में दोनों को गाड़ दिया। हत्या के बाद कथित ड्राइवर सिद्धार्थ ने दोनेां की अंगूठी व चेन निकाल ली और उनकी इनोवा क्रिस्टा कार आकाशवाणी चौक पर जाकर छोड़ दी।


पुलिस ने निकलवाया शव
लॉकडाउन में पुलिस के कड़े पहरे के बीच शहर में हुई इस सनसनीखेज वारदात से पुलिस के भी होश उड़ गए। हत्या की बात सामने आने के बाद पुलिस के आला अधिकारी भी पूरी तरह सक्रिय हो गए। रविवार को आईजी के निर्देश पर एसपी आशुतोष सिंह की उपस्थिति में दोनों व्यवसायियों का शव गड्ढे से निकाला गया। इस दौरान पुलिस ने ब्रम्हरोड को सील कर दिया था। मीडियाकर्मियों को भी घटनास्थल से बाहर रखा गया था।


तीसरा आरोपी भी हिरासत में
सूत्रों से जानकारी मिली है कि जिस हथियार से गोली मारकर व्यवसायियों की हत्या की गई थी, उसे शहर के ही एक व्यक्ति ने आरोपियों को उपलब्ध कराया था। पुलिस ने उसे भी हिरासत में ले लिया है।


एएसपी ने व्हाट्सएप में शेयर की ये बात
डबल मर्डर के बाद पुलिस के आला अधिकारियों के पास मीडियाकर्मियों ने फोन करना शुरु किया। इस पर रविवार की सुबह 6.45 बजे एएसपी ओम चंदेल ने पुलिस व मीडिया नाम से बने एक गु्रप में लिखा कि ‘ कार्रवाई के बाद पूरी जानकारी दी जाएगी, कृपया फोन न करें।’

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Published on:
12 Apr 2020 12:37 pm
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