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Budhapahad Road: नक्सलियों का प्रशिक्षण केंद्र रहे बूढ़ापहाड़ तक बनेगी सडक़! छत्तीसगढ़ सरकार से NOC मांगने पहुंचे झारखंड के वित्तमंत्री

Budhapahad Road construction: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर पुंदाग से झालूडेरा तक 2.7 किमी सडक़ निर्माण की अनुमति का किया अनुरोध, बलरामपुर के सीमावर्ती क्षेत्र के विकास को मिलेगी गति
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Budhapahad road

Budha Pahad road, छत्तीसगढ़ सीएम से मिलकर पत्र सौंपते झारखंड के वित्त मंत्री (Photo source- Patrika)

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा पर स्थित कभी नक्सलियों के मजबूत गढ़ रहे बूढ़ापहाड़ क्षेत्र (Budhapahad area) के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर बलरामपुर जिले के पुनदाग से बूढ़ापहाड़ के झालूडेरा तक प्रस्तावित 2.7 किलोमीटर सडक़ निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने का आग्रह किया है। सडक़ निर्माण की अनुमति मिलने पर दोनों राज्यों के सीमावर्ती गांवों में आवागमन, सुरक्षा और विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

बता दें कि बूढ़ापहाड़, झारखंड-छत्तीसगढ़ की सीमा (Chhattisgarh-Jharkhand border) पर स्थित है। यह इलाका लंबे समय तक माओवादियों के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में देशभर में चर्चित रहा है। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के बाद यहां नक्सली गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण स्थापित किया जा चुका है। अब दोनों राज्य सरकारें इस क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर जोर दे रही हैं।

झारखंड सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक बूढ़ापहाड़ की चोटी स्थित झालूडेरा तक पहुंचने का सबसे सुगम मार्ग बलरामपुर जिले के पुनदाग गांव से होकर गुजरता है। पुनदाग से झालूडेरा की दूरी मात्र 2.7 किलोमीटर है, लेकिन यह पूरा हिस्सा छत्तीसगढ़ की सीमा में आता है। इसी कारण सडक़ निर्माण से पहले छत्तीसगढ़ सरकार की अनापत्ति आवश्यक है।

Budhapahad road news: पिछड़े हैं दस गांव

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भेजे पत्र में उल्लेख किया है कि बूढ़ापहाड़ (Budhapahad) क्षेत्र वर्षों तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा, जिससे यहां के लगभग 10 गांव सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ गए। वर्तमान में झारखंड सरकार क्षेत्र में शांति बहाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, सडक़ और अन्य विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर काम कर रही है। क्षेत्र में पुलिस पिकेट भी स्थापित किए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में बेहतर हुई है।

विकास कार्यों के संचालन में कठिनाई

पत्र में यह भी कहा गया है कि पुनदाग से बूढ़ापहाड़ के बीच सडक़ (Naxal area Budhapahad) और संचार सुविधा नहीं होने के कारण विकास कार्यों के संचालन में कठिनाई आ रही है। स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, राशन वितरण और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। वहीं सुरक्षा बलों को भी पहाड़ी क्षेत्र तक आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिससे अभियान और निगरानी प्रभावित होती है।

प्रशासनिक पहुंच होगी मजबूत

यदि छत्तीसगढ़ सरकार एनओसी जारी करती है तो पुनदाग से बूढ़ापहाड़ (Budhapahad news) तक सडक़ निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। इससे न केवल झारखंड के सीमावर्ती गांवों को लाभ मिलेगा, बल्कि बलरामपुर जिले के पुनदाग सहित छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी आवागमन, सुरक्षा और प्रशासनिक पहुंच मजबूत होगी। स्थानीय स्तर पर भी इस पहल को सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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