7 जुलाई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ayushman Card Fraud: लक्ष्मी नारायण अस्पताल ने आयुष्मान कार्ड ब्लॉक बताकर मरीज से वसूले 1.60 लाख, फिर कार्ड से भी निकाल लिए 1.50 लाख

Ayushman Card Fraud by Hospital: एंजियोप्लास्टी कराने के नाम पर निजी अस्पताल ने किया था भर्ती, पीडि़तों से कहा था आपका आयुष्मान कार्ड ब्लॉक है, पुलिस ने दर्ज किया अपराध
2 min read
Google source verification
Ayushman card fraud

Ayushman card fraud, (Photo source- Instagram)

अंबिकापुर. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को नि:शुल्क और कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (Ayushman Card Fraud in Ambikapur) शुरू की है। लेकिन सरगुजा में कुछ निजी अस्पताल इस योजना को मरीजों की सुविधा के बजाय कमाई का माध्यम बना रहे हैं। ताजा मामला शहर के लक्ष्मीनारायण अस्पताल का सामने आया है, जहां अस्पताल प्रबंधन पर मरीज से इलाज के बदले 1 लाख 60 हजार रुपए कैश लेने के बाद उसी के आयुष्मान कार्ड से 1 लाख 50 हजार रुपए भी निकाल लिए। पीडि़त परिवार की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।

अंबिकापुर कोतवाली में दर्ज एफआईआर के अनुसार बलरामपुर जिले के ग्राम गिरवानी निवासी विवेक जायसवाल ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसके चाचा राजेंद्र जायसवाल को 17 अप्रैल 2026 को इलाज के लिए शहर के गुदरी चौक स्थित लक्ष्मीनारायण अस्पताल (Ayushman Card Fraud by Laxmi Narayan hospital) में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मरीज का आयुष्मान कार्ड ब्लॉक हो गया है, इसलिए योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। इस पर परिजनों ने इलाज के लिए करीब 1 लाख 60 हजार रुपए नकद जमा कर दिए। कुछ समय बाद जब परिजनों ने आयुष्मान कार्ड की जानकारी ली तो पता चला कि अस्पताल प्रबंधन ने उसी मरीज के आयुष्मान कार्ड से 1 लाख 50 हजार 460 रुपए का क्लेम भी ले लिया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि अस्पताल ने पहले नकद राशि वसूली और बाद में फर्जी तरीके से आयुष्मान योजना की राशि भी प्राप्त कर ली। इतना ही नहीं, अस्पताल प्रबंधन (Ayushman card) ने इलाज का कोई विधिवत बिल भी उपलब्ध नहीं कराया।

Ayushman card block: कार्ड ब्लॉक होना बताकर किया गया गुमराह

एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि अस्पताल द्वारा बार-बार आयुष्मान कार्ड ब्लॉक (Ayushman card forgery) होने की बात कहकर परिजनों को गुमराह किया गया। मामले की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दयानिधि अस्पताल ने भी किया था ऐसा

कुछ दिन पहले शहर के गंगापुर स्थित एक अन्य निजी अस्पताल दयानिधि अस्पताल से भी आयुष्मान कार्ड के दुरुपयोग का मामला सामने आया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बड़ी खबरें

View All

अंबिकापुर

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग