अंबिकापुर

40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी, तापमान में गिरावट से मिली गर्मी से थोड़ी राहत

Dusty wind: पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण एक मई को आसमान में बादल (Cloud in Sky) छाए रहे, मई के पहले दिन बादल का प्रकोप ज्यादा नहीं दिखा, पूरे दिन सूर्य व बादल के बीच आंखमिचौली का खेल चलता रहा, तापमान (Temperature) में भी 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई

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Dusty wind in Ambikapur city

अंबिकापुर. Dusty Wind: वर्ष 2016 के बाद इस वर्ष अपै्रल का महीना सबसे गर्म रहा। 30 अपै्रल को अंबिकापुर का तापमान 42.2 तक पहुंच चुका था। वहीं मौसम विभाग ने मई का महीना शुरू होते ही तपती धूप से राहत मिलने का अनुमान लगाया था। मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मई के प्रारंभ में गर्म हवा के थपेड़ों से कुछ राहत मिलने का अनुमान लगाया था। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण एक मई को आसमान में बादल छाए रहे। हालांकि पहले दिन बादल का प्रकोप ज्यादा नहीं दिखा। पूरे दिन सूर्य व बादल के बीच आंखमिचौली का खेल चलता रहा। वहीं 2 मई की सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। पूरे दिन मौसम ठंडा रहा। शाम चार बजते शहर सहित आस पास के क्षेत्रों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी के साथ मेघ गर्जन होता रहा। हालांकि सुबह से शाम के बीच हल्की बूंदाबांदी भी हुई।


मौसम विभाग के अनुसार अंबिकापुर शहर में 0.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। वहीं आसमान में बादल की सक्रियता के कारण 5 डिग्री तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। तापमान में गिरावट से तपती धूप व गर्मी से लोगों ने राहत की सांस ली है। अपै्रल महीने में सरगुजा संभाग लू की चपेट में था। 29 से 30 अपै्रल के बीच अंबिकापुर का अधिकतम तापमान ४२ डिग्री से ज्यादा पहुंच चुका था। लोग तेज धूप व गर्म हवा से परेशान थे।

भीषण गर्मी के कारण लोगों को घरों में भी राहत नहीं मिल रही थी। कूलर, पंखे भी बेअसर साबित हो रहे थे। इसी बीच पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण तापमान में ५ डिग्री सेल्सियस का गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को अंबिकापुर का अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री, वहीं न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा।


अगले दो-तीन दिन तक रहेगी राहत
मौसम विज्ञानी एएम भट्ट के अनुसार रविवार को द्रोणिका उत्तर-पश्चिम राजस्थान से उत्तरी छत्तीससगढ़ तक प्रभावित थी। यह द्र्रोणिका सोमवार को दक्षिण उत्तरप्रदेश, दक्षिण बिहार से होते हुए मणिपुर तक विस्तृत हो गई है।

पछुआ के प्रभाव से दक्षिण-पूर्व उत्तरप्रदेश तथा इसके नजदीकी क्षेत्रों में एक चक्रवात का परिसंचरण हो रहा है। इसके प्रभाव से सरगुजा संभाग सहित आस पास के क्षेत्रों में अगले दो से तीन दिनों तक भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद है।

Published on:
02 May 2022 11:48 pm
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