
अंबिकापुर. Elephant killed security worker: प्रतापपुर वन परिक्षेत्र की ओर से दल से बिछडक़र सप्ताहभर पूर्व अंबिकापुर शहर आए हाथी का उत्पात बढ़ गया है। वह शहर से लगे इलाके में विचरण कर रहा है। इसी बीच हाथी ने दवा देने गए सुरक्षा श्रमिक को बुधवार की रात कुचलकर मार डाला। दरअसल हाथी को दस्त हो रहा है। यह देख सुरक्षा श्रमिक डॉक्टर व वन कर्मचारियों के निर्देश पर उनके साथ दवा देने गया था। इसी दौरान हाथी ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। अन्य लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। गौरतलब है कि पिछले 7 दिन के भीतर हाथी ने 2 लोगों को कुचलकर मार डाला है।
प्रतापपुर वन परिक्षेत्र की ओर से 19 जनवरी की सुबह एक हाथी शहर में घुस आया था। यहां उसने एक घर को क्षतिग्रस्त करने के अलावा सीसीएफ के सरकारी बंगले की दीवार तोड़ दी थी। खदेड़े जाने के बाद हाथी तकिया व गाड़ाघाट नर्सरी की ओर चला गया था।
इस दौरान वन विभाग द्वारा हाथी पर ड्रोन कैमरे से निगरानी रखी जा रही थी। इसके बाद हाथी शहर से लगे बधियाचुआं इलाके में पहुंचा। पिछले 3 दिनों से वह इसी क्षेत्र में विचरण कर रहा है।
बताया जा रहा है कि हाथी को दस्त हो रहा था। यह देखते हुए वन विभाग के कर्मचारी बुधवार की रात डॉक्टर व सुरक्षा श्रमिक भीम के साथ उसे दवा देने गए थे। सुरक्षा श्रमिक भीम जब हाथी को दवा देने पहुंचा तो हाथी आक्रामक हो गया और भीम को सूंड से उठाकर पटक दिया और कुचलकर उसकी जान ले ली।
इस दौरान मौके पर मौजूद डॉक्टर व वन कर्मचारियों ने भागकर अपनी जान बचाई। वन कर्मचारियों द्वारा सुरक्षा श्रमिक को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, यहां डॉक्टरों ने जांच पश्चात उसे मृत घोषित कर दिया।
ससुराल जा रहे युवक की भी ली थी जान
गौरतलब है कि 19 जनवरी को इस हाथी ने गाड़ाघाट में भी एक युवक को कुचलकर मार डाला था। बताया जा रहा है कि बौरीपारा निवासी राकेश केरकेट्टा 19 जनवरी को ससुराल जाने निकला था। इस दौरान गाड़ाघाट क्षेत्र में हाथी के आने की सूचना पर वह भी रुककर देखने लगा था।
इधर वनकर्मियों ने हाथी की ओर जाने से लोगों को मना किया था। इसी बीच हाथी ने युवक को कुचलकर मार डाला था। युवक की लाश 22 जनवरी को गाड़ाघाट स्थित बांस बाड़ी में मिली थी।