अंबिकापुर

रात में फसल देखने गए महिला-पुरुष को हाथियों ने कुचलकर मार डाला, सुबह टुकड़ों में मिली लाश, कई ने भागकर बचाई जान

Elephants attack: हाथियों के क्षेत्र में आने की सूचना नहीं दिए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश, तात्कालिक सहायता राशि के रूप में दिए गए 25-25 हजार रुपए
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रात में फसल देखने गए महिला-पुरुष को हाथियों ने कुचलकर मार डाला, सुबह टुकड़ों में मिली लाश, कई ने भागकर बचाई जान
Forest officers and villagers

अंबिकापुर. सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम सोनगरा-बंशीपुर से लगे ग्राम कोरंधा में सोमवार की रात आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण महिला-पुरुष खेत में लगी फसल देखने गए थे। यहां उनका सामना हाथियों से हो गया। यह देख सभी भागने लगे लेकिन हाथियों ने एक महिला व एक पुरुष को कुचलकर (Elephants killed 2 villager) मार डाला, अन्य ने भागकर अपनी जान बचा ली।

दोनों रातभर घर नहीं पहुंचे तो सुबह परिजन उन्हें खोजने निकले, इसी बीच दोनों की टुकड़ों में बंटी लाश जंगल किनारे पड़ी मिली। इधर ग्रामीणों में इस बात को लेकर काफी आक्रोश है कि वन विभाग द्वारा हाथियों के गांव की ओर आने की सूचना नहीं दी गई थी। सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और मृतकों के परिजनों को तात्कालिक सहायता राशि के रूप में 25-25 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की।


गौरतलब है कि सरगुजा संभाग में हाथियों का आतंक है। आए दिन हाथियों द्वारा जहां लोगों की जान ली जा रही है, वहीं उनके घर तोडऩे के अलावा फसलों को भी बर्बाद किया जा रहा है।

घटना के बाद ग्रामीणों द्वारा वन विभाग पर आरोप लगाया जाता है कि हाथियों के आने की सूचना उन्हें नहीं दी गई थी, वहीं वन विभाग इन आरोपों को बेबुनियाद बताता है।

इसी कड़ी में सोमवार की रात भी प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम बंशीपुर से लगे ग्राम कोरंधा निवासी सीता राजवाड़े पिता शिवभजन 48 वर्ष व ग्राम बंशीपुर निवासी चेतन राजवाड़े पिता घुरवा 50 वर्ष समेत अन्य ग्रामीण जंगल से लगे अपने खेतों में फसल देखने गए थे।

इसी बीच वहां विचरण कर रहे हाथियों के दल से उनका सामना हो गया। हाथियों को देख सभी इधर-उधर भागने लगे। इस बीच हाथियों ने सीता और रतन को सूंड में लपेटकर जमीन पर पटक दिया। अन्य ग्रामीण तो भाग निकले लेकिन हाथियों ने दोनों को कुचलकर मार डाला।


बुरी तरह कुचल दिया था शरीर
सुबह मृतकों के परिजन जब उन्हें खोजते हुए जंगल की ओर पहुंचे तो दोनों की कई टुकड़ों में बंटी लाश पड़ी मिली। महिला का सिर भी धड़ से गायब था। यह देख उनके परिजनों के रोने का ठिकाना न रहा। सूचना पर रेंजर समेत अन्य आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और पंचनामा पश्चात शवों का पीएम कराया।

पीएम पश्चात शव उन्होंने परिजन को सौंप दिया। वहीं विभाग द्वारा तात्कालिक सहायता राशि के रूप में दोनों के परिजनों को 25-25 हजार रुपए प्रदान किए गए।


ग्रामीणों बोले- नहीं दी गई थी हाथियों के आने की सूचना
टना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का कहना था कि वन विभाग द्वारा उनके गांव के आस-पास हाथियों की मौजूदगी की सूचना नहीं दी गई थी, इस कारण अज्ञानतावश वे खेत की ओर गए थे।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वन अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही ग्रामीणों की जान गई है। वहीं वन अधिकारियों का कहना है कि हाथियों के क्षेत्र में आने की सूचना ग्रामीणों को दी जाती है।

Published on:
28 Apr 2020 03:06 pm
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