अंबिकापुर

Surguja School: स्कूल भवन इतना जर्जर कि हर पल हादसे का बना है डर, इंजीनियर ने कहा- डिस्मेंटल करना होगा

Surguja School condition: मिडिल स्कूल के जर्जर भवन में पढऩे को विवश हैं पहाड़ी कोरवा बच्चे, लखनपुर के लेदराडांड़ स्कूल भवन की हालत खस्ता, शिक्षक भी डर के साए में
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Updated: 7 Sep 2026, 7:09 PM IST
School News
स्कूल भवन की हालत (Photo- Patrika)

लखनपुर। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत सुदूर वनांचल क्षेत्र ग्राम पंचायत लब्जी के लेदराडांड़ स्थित माध्यमिक शाला में बच्चे और शिक्षक इन दिनों डर के साये में पढ़ाई करने को विवश हैं। स्कूल भवन की हालत इतनी जर्जर (Shabby school building) हो चुकी है कि कब छत या भवन का कोई हिस्सा गिर जाए, इसका कोई भरोसा नहीं है। बारिश के दौरान कई कमरों में पानी भर जाता है और छत से लगातार पानी टपकता है। इस स्कूल में कक्षा पहली से 8वीं तक विशेष पिछड़ी जनजाति के पहाड़ी कोरवा समुदाय के बच्चे अध्ययनरत हैं। स्कूल भवन का निरीक्षण करने पहुंचे इंजीनियर ने बताया कि सामान्य मरम्मत से इसकी दशा नहीं सुधर पाएगी। डिस्मेंटल कर नया बिल्डिंग बनाना जरूरी है।

बता दें कि जर्जर स्कूल भवन के कारण जहां शिक्षकों को किसी अनहोनी की चिंता सताती रहती है, वहीं बच्चों के परिजन भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतराने लगे हैं। स्थिति यह है कि परिजन को समझाने के बाद बच्चों को स्कूल लाया जाता है। स्कूल के प्रभारी प्रधान पाठक के अनुसार भवन लंबे समय से जर्जर है।

इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को भी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो नए भवन के निर्माण की स्वीकृति मिली है और न ही मरम्मत का काम शुरू हुआ है। शिक्षक कार्यालय (Teacher office) भी जर्जर हालत में है, जिससे वहां बैठकर कार्यालयीन कार्य करना भी जोखिम भरा हो गया है।

Surguja school, लेदराडांड़ स्कूल (Photo- Patrika)

प्रभारी प्रधान पाठक ने बताया कि भवन की मरम्मत के लिए आवेदन दिए जाने के बाद बीआरसी कार्यालय की ओर से करीब 80 हजार रुपए की राशि स्वीकृत किए जाने की बात कही गई थी। शिक्षकों का कहना है कि इतने बड़े और पूरी तरह जर्जर भवन की मरम्मत इतनी कम राशि में संभव नहीं है। इसके बाद मामला आगे नहीं बढ़ सका।

निरीक्षण में इंजीनियर ने ये बताया

स्कूल भवन की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद निरीक्षण के लिए पहुंचे इंजीनियर ने भी भवन की हालत को गंभीर बताया। बताया गया कि भवन की स्थिति ऐसी है कि इसकी सामान्य मरम्मत संभव नहीं है और इसे डिस्मेंटल कर नए भवन का निर्माण कराया जाना आवश्यक है। इसके बाद ही बच्चों की पढ़ाई सुरक्षित रूप से संचालित की जा सकती है।

Security of children: बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

स्कूल भवन की जर्जर स्थिति अब केवल मूलभूत सुविधाओं का मामला नहीं, बल्कि बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन चुका है। शिक्षक लंबे समय से भवन के पुनर्निर्माण की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग (Officers) इस मामले में कब तक पहल करता है।

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7 Sep 2026, 7:09 PM IST
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