
अंबिकापुर. मिलावटी पनीर (Fake paneer case) के मामले में बिशुनपुर खुर्द निवासी डेयरी संचालक पर प्रशासन की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कार्रवाई में लेट लतीफी से लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि ऐसे मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि ये लोगों की सेहत से सीधा खेल रहे हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
दरअसल मिलावटी पनीर (Fake paneer case) बिक्री किए जाने की शिकायत पर जिला प्रशासन की टीम ने 5 दिन पूर्व शहर के बिशुनपुर खुर्द स्थित सागर डेयरी में छापेमारी की थी। यहां 150 किलो नकली पनीर पाया गया था। इस फर्म में विभिन्न अवैध सामग्रियों से पनीर का निर्माण किया जा रहा था।
जांच के दौरान टीम ने पाया कि निर्माण कार्य में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा था। परिसर में सफाई (Fake paneer case) की स्थिति बेहद खराब थी और फर्म का पंजीयन भी समाप्त हो चुका था। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से फर्म को सील कर दिया था।
प्रशासन की ओर से डेयरी संचालक (Fake paneer case) शाहिद पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दूध, घी, पनीर जैसे खाद्य सामग्री में मिलावटखोरी किए जाने से लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह अति आवश्यक वस्तु के अंतर्गत आता है। इसका उपयोग हर घर में होता है। मामले में दोषी पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
डेयरी संचालक शाहिद व जिला पंचायत के कुछ जिम्मेदारों के मिलीभगत से समूह के नाम पर भ्रष्टाचार किया गया है। दूध सागर डेयरी समूह (Fake paneer case) द्वारा संचालित है, लेकिन समूह की महिलाएं इसमें शामिल नहीं है। डेयरी संचालक शाहिद द्वारा जिला पंचायत के जिम्मेदारों की सह पर समूह के नाम पर लोन में भी भ्रष्टाचार किया गया है।
अंबिकापुर एसडीएम फागेश सिन्हा का कहना है कि जांच के लिए सैंपल (Fake paneer case) भेजा गया है। केस बनाकर न्यायालय में पुटअप किया गया है। न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई की जाएगी।