Love Jihad in CG: अंबिकापुर जिले में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म और पहचान छिपाने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) चित्रलेखा सोनवानी की अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
Love Jihad in CG: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म और पहचान छिपाने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) चित्रलेखा सोनवानी की अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी राजा अंसारी (निवासी मोमिनपुरा, अंबिकापुर) ने खुद को ‘राजा महंत’ बताकर पीड़िता से नजदीकियां बढ़ाईं और विवाह का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए।
अतिरिक्त लोक अभियोजक अभिषेक कश्यप के अनुसार, सरगुजा जिले के एक गांव की युवती से आरोपी की मुलाकात मेले में हुई थी। आरोपी ने सुनियोजित तरीके से अपनी वास्तविक पहचान छिपाई। 8 मार्च 2023 और फिर 22 मार्च 2023 (पीड़िता के जन्मदिन) को वह उसके घर गया। रात रुककर विवाह का आश्वासन दिया और विश्वास में लेकर संबंध स्थापित किए।
आरोपी युवती को अंबिकापुर ले आया और किराए के मकान में रखा। विश्वास दिलाने के लिए माथे पर सिंदूर लगाकर विवाह का नाटक किया। 2 अप्रैल 2023 को पहली बार शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जब युवती ने घरवालों से मिलने की बात कही, तो आरोपी उसे अपने घर ले गया।
वहीं उसे पता चला कि आरोपी ने उसकी पहचान और अन्य तथ्यों को छिपाया था। विरोध करने पर प्रताड़ना, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता किसी तरह वहां से निकलकर घर पहुंची। आरोपी ने फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी। इसके बाद युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने चालान न्यायालय में पेश किया, जहां सुनवाई के उपरांत अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 417 और धारा 376(2)(एन) के तहत दोषी करार दिया। न्यायालय ने धारा 417 के तहत एक वर्ष का कारावास और 500 रुपये अर्थदंड तथा धारा 376(2)(एन) के तहत आजीवन कारावास और 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी और अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि पहचान छिपाकर छलपूर्वक शारीरिक संबंध बनाना महिला की गरिमा, गोपनीयता और सम्मान पर गंभीर प्रहार है। ऐसे अपराधों में कठोर दंड आवश्यक है, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए और अपराधियों का मनोबल न बढ़े। इस फैसले को वैवाहिक धोखे और यौन अपराधों के मामलों में सख्त न्यायिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।