
Chhattisgarh High Court: 77 साल की विधवा मां को मिली राहत(photo-patrika)
अंबिकापुर. सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाण पत्र (MLA caste certificate dispute) की वैधता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक बिहारी लाल तिर्की ने प्रेस वार्ता कर बताया कि विधायक का जाति प्रमाण पत्र जारी होने की प्रक्रिया शुरू से ही संदिग्ध रही है। जानकारी मिलते ही संबंधित दस्तावेजों का संकलन किया गया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
उन्होंने कहा कि यह जाति प्रमाण पत्र 19 सितंबर 2023 को एसडीएम लैलूंगा कार्यालय से जारी हुआ था। इसके खिलाफ 21 अक्टूबर 2023 को जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र (MLA caste certificate dispute) छानबीन समिति, रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराई गई। उसी दौरान विधानसभा चुनाव की घोषणा होने से त्वरित कार्रवाई के लिए मामला छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में रिट याचिका (क्रमांक 4587/2023) के जरिए प्रस्तुत किया गया।
हाईकोर्ट ने मामले को जिला स्तरीय समिति को जांच के निर्देश दिए थे। लेकिन करीब 2 वर्षों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वर्ष 2026 में पुन: रिट याचिका दायर की गई। इस पर (MLA caste certificate dispute) सुनवाई करते हुए न्यायालय ने 2 अप्रैल 2026 को आदेश जारी कर संबंधित समिति को 90 दिनों के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
बिहारी लाल तिर्की ने बताया गया कि प्रकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य ऐसे हैं, जिन्हें अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो। इस पूरे मामले (MLA caste certificate dispute) में अधिवक्ता ऋषिराज सिंह के सहयोग का भी उल्लेख किया गया, जिन्होंने दस्तावेजों के संकलन और मामले को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
बिहारी लाल तिर्की ने कहा कि हाईकोर्ट के इस आदेश (MLA caste certificate dispute) से आम जनता का न्यायपालिका पर विश्वास और मजबूत होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि न्यायपालिका संविधान के मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने बताया कि यह जानकारी भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर आमजन तक पहुंचाई गई।
सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि जब मैं चुनाव लड़ रहा था तब से लोग हाईकोर्ट में मामला लगाए थे। हाई कोर्ट ने जिला जाति सत्यापन समिति (MLA caste certificate dispute) को जांच के निर्देश दिए हैं।
अगर जाति प्रमाण पत्र फर्जी है तो शिकायतकर्ता साबित करे। अभी तक वे कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए हैं। केवल कहानी गढ़ रहे हैं। क्षवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
Updated on:
14 Apr 2026, 8:57 PM IST
Published on:
14 Apr 2026, 8:57 PM IST
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