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Rules for Private schools: अब नहीं चलेगी प्राइवेट स्कूलों की मनमानी, शासन बताएगा- कैसे चलेगा स्कूल, कितना लेना है फीस

Rules for Private schools: डीईओ ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताबें-कॉपियां व ड्रेस लेने के लिए नहीं कर सकता बाध्य, अभिभावकों को मिलेगी राहत

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Rules for private schools

Surguja DEO (Photo- Patrika)

अंबिकापुर. जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश झा की अध्यक्षता में पीजी कॉलेज के ऑडिटोरियम में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक (Rules for Private schools) में जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी और संकुल प्राचार्यों को नए शिक्षा सत्र के सुचारू संचालन और प्रशासनिक कसावट हेतु कड़े दिशा-निर्देश दिए गए। डीईओ ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा कि कोई भी निजी स्कूल किताबें-कॉपियां व ड्रेस किसी निश्चित दुकान से लेने बाध्य नहीं करेगा। वहीं स्कूलों का संचालन और शुल्क का निर्धारण शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही होगा।

बैठक में सहायक संचालक रवि शंकर तिवारी ने छात्रों के अपार आईडी जनरेशन, जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड अपडेशन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी बच्चों के अनिवार्य दस्तावेज (Rules for Private schools) समय-सीमा में तैयार किए जाएं।

जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देशित किया कि नया सत्र शुरू होने से पहले गणवेश, पाठ्य पुस्तकें और साइकिल वितरण की सभी तैयारियां शत-प्रतिशत पूर्ण कर ली जाएं। वहीं निजी विद्यालयों की मनमानी (Rules for Private schools) पर अंकुश लगाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से कॉपी-किताब या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा।

सीबीएसई स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों से ही अध्यापन कराया जाए। स्कूलों का संचालन और शुल्क निर्धारण शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही होगा। निजी स्कूलों (Rules for Private schools) की पीटीएम में विभाग के प्रतिनिधि के रूप में नोडल प्राचार्य अनिवार्य रूप से शामिल होंगे।

Rules for Private schools: अनुशासनहीनता पर सख्त रुख

प्रशासनिक सुधार की दिशा में जिला शिक्षा अधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि जो शिक्षक लंबे समय से अपने कर्तव्यों से अनुपस्थित हैं, उनके विरुद्ध चल रही विभागीय जांच को तत्काल पूर्ण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें ताकि उनकी बर्खास्तगी की कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही, स्कूलों में आधार बेस्ड अटेंडेंस (Rules for Private schools) और आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल पर अनिवार्य प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

वंचित वर्गों के लिए विशेष पहल

सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा एवं पंडो जाति के बच्चों के लिए विशेष सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई बच्चा आउट ऑफ स्कूल (Rules for Private schools) पाया जाता है, तो उसे तत्काल विद्यालय में प्रवेश दिलाकर उनकी पढ़ाई की सतत् निगरानी की जाएगी। डॉ. झा ने किसी भी संकुल में ड्रॉप आउट बच्चे मिलने पर संबंधित संकुल समन्वयक के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

अधोसंरचना और वित्तीय सुधार

बैठक में स्कूलों (Rules for Private schools) के सुदृढ़ीकरण हेतु अगले 5 वर्षों की कार्य योजना, प्रार्थना शेड और बालिका शौचालयों के प्रस्ताव तत्काल भेजने को कहा गया। साथ ही शिक्षकों के सर्विस बुक अपडेशन और सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के स्वत्वों के समय पर भुगतान के निर्देश दिए गए। बैठक में ई-प्रबंधक वैभव सिंह ने तकनीकी समस्याओं का निराकरण किया।

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