
अंबिकापुर. Game of Attachment: शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नवापारा में नियम के विरूद्ध संलग्नीकरण कर डॉक्टर, नर्स सहित अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जबकि सेटअप के अनुसार यहां 2 डॉक्टर, 2 नर्स, 1 लैब टेक्नीशियन व 2 फार्मासिस्ट की नियुक्ति होनी चाहिए। लेकिन चहेतों के लिए नियमों का अनदेखी कर ज्वाइंट डायरेक्टर स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथामिक स्वास्थ्य केन्द्र नवापारा में 11 डॉक्टर सहित 52 स्वास्थ्य कर्मचारियों को संलग्न कर ड्यूटी लगा दी गई है। इससे जिले के अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी हो गई है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नवापारा में क्षमता से अधिक डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मचारी होने के कारण केवल उपस्थिति दर्ज कर पूरे दिन आराम फरमाने का काम चल रहा है, क्योंकि इतने डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मचारियों की यहां आवश्यकता नहीं थी। यह अटैचमेंट का खेल वर्ष 2022 से चल रहा है। अब भाजपा नेता आलोक दुबे ने मामले की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री व कलेक्टर से की है।
आलोक दुबे ने स्वास्थ्य मंत्री से लिखित शिकायत करते हुए बताया है कि अम्बिकापुर में तीन शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसमें शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ व शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भगवानपुर शामिल हैं।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा में शासन से दो डॉक्टर, एक लैब टेक्निशियन, एक डाटा ऑपरेटर, एक क्लर्क एवं दो भृत्य के पद स्वीकृत हंै। इन सात स्वीकृत पद के विरुद्ध यहां 11 डॉक्टर, 8 नर्स एवं अन्य 32 कर्मचारियों का कांग्रेस शासन में राजनीतिक रसूख की बदौलत संलग्नीकरण कर दिया गया है।
यह जांच का विषय है कि किस अधिकारी ने नियम विरुद्ध इतनी ज्यादा संख्या में शहरी प्राथमिक स्वास्थ केंद्र नवापारा में डॉक्टर्स-जांच को अटैच कर दिया है। जबकि शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ व भगवानपुर में सिर्फ 2 डाक्टर एवं तीन स्टाफ नर्स पदस्थ हंै।
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नवापारा में आवश्यकता से ज्यादा डॉक्टर, नर्स व अन्य कर्मचारियों का संलग्नीकरण कर दिए जाने से अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टर व स्टाफ की कमी हो गई है। इससे स्वास्थ्य व्यवस्था बिगड़ रही है।
स्वास्थ्य कर्मचारियों की बनी हुई है कमी
आलोक दुबे ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया है कि अंबिकापुर शहर में आठ हमर क्लीनिक संचालित हैं। ये क्लीनिक बरेजपारा, बिशुनपुर, गोधनपुर पुलिस लाइन, गांधीनगर, मुक्तीपारा, बौरीपारा एवं नमनाकला में हंै। इसमें सिर्फ नमनाकला एवं पुलिस लाइन स्थित हमर क्लीनिक में डॉक्टर की पदस्थापना है।
शेष 6 हमर क्लीनिक में कोई भी डाक्टर पदस्थ नहीं है। सरगुजा जिले के कई स्वास्थ्य केंद्र में वर्तमान में स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी बनी हुई है।
इसके बावजूद कांग्रेस शासनकाल में स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ चहेते डॉक्टर्स एवं कर्मचारियों को नियम विरुद्ध तरीके से शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा में अटैच कर शासकीय मदों का दुरुपयोग नियम विरुद्ध तरीके से किया गया है।
आदेश का भी पालन नहीं कर रहे संस्था प्रभारी
भाजपा नेता आलोक दुबे ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर राजनीतिक रसूख के दम पर अटैच डाक्टरों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध जांच कराकर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अवगत कराया है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अम्बिकापुर ने 27 अपै्रल 2023 को आदेश निकाला है।
इसमें स्पष्ट है कि संलग्न, कार्यादेश अधिकारी, कर्मचारी अपनी उपस्थिति तत्काल अपने मूल पद स्थापना स्थान में देना सुनिश्चित करें। लेकिन संस्था प्रभारी उक्त आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं।
मिली है शिकायत, की जाएगी जांच
भाजपा नेता आलोक दुबे ने मामले की शिकायत कलेक्टर से की है। गुरुवार को ही कलेक्टर सर ने मुझे जानकारी दी है। इस मामले की जांच कराता हूं। मुझे सीएमएचओ का पदभार ग्र्रहण किए चार महीने ही हुए हैं। यह सब कुछ लंबे समय से चल रहा है।
डॉ. आरएन गुप्ता, सीएमएचओ