'टॉपिक ऑफ द डे' में राजमोहिनी देवी गल्र्स कॉलेज की प्राचार्य डा. ज्योति सिन्हा से पत्रिका ने की चर्चा
अंबिकापुर. महिलाओं व छात्राओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा। स्वास्थ्य के प्रति होने वाले जैविक बदलाव को भ्रांतियों से नहीं जोडऩा चाहिए। प्रत्येक महिला को विशेष स्थितियों में सेनेटरी नैपकिन का उपयोग करना चाहिए। इससे शरीर स्वच्छ रहता है। यह बातें मंगलवार को 'टॉपिक ऑफ द डे' में राजमोहिनी देवी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. ज्योति सिन्हा ने कही।
उन्होंने कहा कि मासिक धर्म शरीर की जैविक क्रिया है। इसे सफाई के साथ स्वस्थ रहते हुए किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय परिसर में छात्राओं को प्रेरित किया जाता है कि वह सेनेटरी नैपकीन का उपयोग करें। सेनेटरी नैपकिन का एटीएम महाविद्यालय के महिला शौचालय में दो वर्ष पूर्व ही लगा दिया गया है। छात्राओं, महिलाओं को दो रुपये का सिक्का डालने पर एक पैड मिलता है।
उन्होंने बताया कि स्वच्छ सेनेटरी नैपकीन मिलने के साथ ही उपयोग की गई नैपकिन का नष्ट करने की भी यहां व्यवस्था है। भश्मक में उपयोग किया गया नैपकिन डाल देने से यह बिना प्रदूषण के नष्ट हो जाता है।
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उन्होंने बताया कि इसके लिए कॉलेज की छात्राओं को जागरूक करना पड़ा। जागरूक छात्रायें दूसरों का समझाती हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा विश्वास है कि कॉलेज में आने वाली प्रत्येक छात्रा नैपकिन का उपयोग करती होंगी और दूसरों को भी प्रेरित करती होगी। गंदे कपड़े उपयोग करने से दूसरों को रोकती होंगी।
उन्होंने सरगुजा की छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जब एक आदमी (पैडमैन) महिलाओं के आगे आ सकता है तो महिलाओं को भी चाहिए कि उसकी परिश्रम का मूल्य दे। पैडमैन फिल्म के बारे में उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह महाविद्यालय में पैडमैन फिल्म दिखाने का निर्णय लिया गया है, जिसमें अधिक से अधिक छात्रायें शामिल होंगी।