जंगल में तेंदूपत्ता तोडऩे गए थे दोनों, दो भालू ने किया हमला तो दिखाया साहस, पैने नाखूनों ने भालुओं ने कर दिया घायल
अंबिकापुर. प्रतापपुर विकासखंड के लकड़ाडांड जंगल में गुरुवार की सुबह पति-पत्नी तेंदूपत्ता तोडऩे गए थे। इसी दौरान दो भालू ने पति पर हमला कर दिया। यह देख पत्नी पति की जान बचाने भालुओं से भिड़ गई। भालुओं ने पति को छोड़ महिला पर हमला कर दिया। पति-पत्नी एक दूसरे की जान बचाने के लिए भालुओं से लगभग 20 मिनट तक संघर्ष करते रहे। अंत में पति ने डंडे से मारकर भालुओं को भगाया।
भालुओं के हमले में दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। पति जंगल में ही बेहोश हो गया। इसके बाद पत्नी साहस का परिचय देते हुए पति को कंधे पर लाद कर घर पहुंचाई।
यहां परिजन ने दोनों को इलाज के लिए भैयाथान अस्पताल में भर्ती कराया। यहां चिकित्सकों ने दोनों की स्थिति को गंभीर देखते हुए उन्हें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
प्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम चेंद्रा निवासी 40 वर्षीय अजय गुर्जर व पत्नी 35 वर्षीय सुनैना गुर्जर गुरुवार की सुबह पास के ही लकड़ाडांड़ जंगल में तेंदूपत्ता तोडऩे गए थे। दोनों अलग-अलग स्थान पर तेंदूपत्ता तोड़ रहे थे। इसी दौरान झाड़ी से निकले दो भालू ने पति पर हमला कर दिया।
पति के चिल्लाने की आवज सुनकर पत्नी दौड़कर वहां पहुंची और जान बचाने भालुओं से भिड़ गई। इस पर भालुओं ने महिला पर भी हमला कर दिया।
दोनों एक दूसरे की जान बचाने के लिए लगभग 20 मिनट तक भालुओं से संघर्ष करते रहे। इस दौरान जब पति को मौका मिला तो पास में रखे डंडे से मार कर भालुओं को भगाया। भालुओं के हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
पति को कंधे पर लिए 3 किलोमीटर चली महिला
भालुओं के हमले में गंभीर रूप से जख्मी अजय जंगल में ही बेहोश हो गया। इधर पत्नी को भी भालुओं ने लहूलुहान कर दिया था। जख्मी पत्नी साहस का परिचय देते हुए बेहोश पति को कंधे पर लादकर 3-4किमी पैदल चलकर अपने घर पहुंची। यहां परिजन ने दोनों को इलाज के लिए भैयाथान अस्पताल में भर्ती कराया।
यहां चिकित्सकों ने दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
20 मिनट तक भालुओं से होता रहा संघर्ष
झाड़ी से निकल कर भालुओं ने पहले पति पर हमला कर दिया। पति को जान बचाने पत्नी बिना हथियार के भालुओं से भिड़ गई। भालुओं ने पति को छोड़कर महिला पर हमला कर दिया। फिर पति भी पत्नी की जान बचाने भालुओं से लडऩे लगा। इस दौरान दोनों एक दूसरे की जान के लिए भालुओं से लगभग 20 मिनट तक संघर्ष करते रहे।