अंबिकापुर

न्यू ईयर सेलिब्रेट करने की है प्लानिंग है तो आइए छत्तीसगढ़ के शिमला में, देखें इन झरनों की खूबसूरती

मैनपाट में अभी भी कई ऐसे स्थल हैं जहां की प्राकृतिक सुंदरता है अद्भुत, एलिफैंट प्वाइंट की देखते ही बनती है खूबसूरती
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Updated: 26 Dec 2017, 11:07 AM IST
Elephant point
Elephant point

अंबिकापुर. स्कूलों की छुट्टी शुरू होते ही अब न्यू ईयर को वेलकम करने के लिए शहरवासी एक्साइटेड हैं। सभी ने सेलिब्रेशन के लिए अपनी-अपनी प्लानिंग कर ली है। कुछ लोग शहर के बाहर पिकनिक स्पॉट पर जाने की तैयारी में जुट गए हैं।

अधिकांश लोगों की पहली पसंद अभी भी छत्तीसगढ़ के शिमला के नाम से विख्यात मैनपाट ही है और लोगों ने अभी से वहां के मोटल व अन्य स्थलों पर बुकिंग शुरू कर दी है। शहर के लोग मध्यप्रदेश में अमरकंटक व चित्रकोट को सबसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा शहर से लगे अन्य पिकनिक स्पॉट के बारे में जानकारी लोगों को नहीं है उसकी जानकारी भी ले रहे हैं।


न्यू ईयर में हमेशा की तरह इस वर्ष भी मैनपाट लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। अभी से मैनपाट के पिकनिक स्पॉट पर लोगों की भीड़ नजर आने लगी है। टाइगर प्वाइंट, फिश प्वाइंट, मेहता प्वाइंट, जलजली सहित अन्य जगहों पर लोगों की भीड़ जुट रही है। लेकिन अभी भी मैनपाट के कुछ ऐसे खूबसूरत स्पॉट हैं, जहां लोग नहीं पहुंचे हैं।

जहां लोगों की भीड़ कम होने की वजह से उसकी प्राकृतिक सुन्दरता कायम है। मैनपाट के ग्राम सरभंजा से महज ३ किमी अंदर ग्राम छपरा के समीप एलिफैंट प्वाइंट नाम से एक जगह है। जो काफी खूबसूरत होने के साथ चारों तरफ हरियाली से ढंका हुआ है।


आधा किमी चलना पड़ता है पैदल
ग्राम छपरा से एलिफैंट प्वाइंट तक पहुंचने के लिए लोगों को आधा किमी पैदल चलना पड़ता है। जो काफी कठिन है। यहां पहुंचने के बाद लोगों की थकान लगभग 200 फीट ऊंचाई से गिर रहे खूबसूरत झरने को देखने के बाद खत्म हो जाती है।

चारों तरफ घनघोर जंगल के बीच झरना स्थित है। इसके समीप ही बड़ी खाई भी है। लेकिन प्रकृति की इस अद्भुत छटा को देखने के बाद लोगों को शिमला सहित अन्य पर्यटक स्थलों की याद दिला जाता है।

जमदरहा पहाड़ी नदी पर स्थित है झरना
जमदरहा नामक पहाड़ी नदी पर एलिफैंट प्वाइंट नामक झरना स्थित है। ग्रामीणों के अनुसार यहां 12 महीने पानी रहता है और इसकी छटा पूरे वर्ष इसी तरह रहती है।


हाथी प्रभावित है क्षेत्र
ग्राम सरभंजा के छपरा में स्थित एलिफैंट प्वाइंट में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया है। लेकिन यह हाथी व भालू प्रभावित क्षेत्र है। इसकी वजह से यहां जाना काफी खतरनाक भी है। यहां पिकनिक मनाने के जाने के पूर्व लोगों को यह ध्यान रखना होगा कि घनघोर जंगल होने की वजह से यहां अंधेरा भी जल्दी हो जाता है। इसके साथ जैसे-जैसे अंधेरा होता है भालुओं की आवाज सुनाई देनी शुरू हो जाती है। इसलिए यहां जाने से पूर्व पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है।


मैनपाट के आराध्य हैं बूढ़ा नागदेव
परपटिया मार्ग पर स्थित डांड़केसरा ग्राम में बूढा नागदेव हैं। यहां वर्ष में एक बार मेले का आयोजन किया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार बूढा नाग मैनपाट के प्रथम आराध्य देव हैं। इससे महज आधा किमी दूर मछली नदी पर स्थित स्नेक पाइंट के नाम से काफी खूबसूरत झरना है, जो लोगों को आकर्षित करता है। लेकिन अभी तक यहां भी लोगों की भीड़ नहीं पहुंच पाई है। यह झरना भी काफी खूबसूरत है।

Updated on:
26 Dec 2017, 11:07 AM IST
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