
अंबिकापुर. जकांछ व बसपा गठबंधन द्वारा विधानसभा चुनाव हेतु अंबिकापुर विधानसभा क्षेत्र से अब तक किसी भी प्रत्याशी का नाम घोषित नहीं किया गया है। गठबंधन के नाते यह सीट बसपा के खाते में है। वहीं सीतापुर में प्रत्याशी के अचानक बदले जाने से मुन्ना टोप्पो के समर्थकों में काफी रोष है। मुन्ना टोप्पो ने निर्दलीय चुनाव लडऩे का ऐलान कर दिया है।
लुण्ड्रा विधानसभा में भी प्रत्याशी की घोषणा जकांछ ने नहीं की है। 4 नवंबर को संभाग मुख्यालय में बसपा सुप्रीमो मायावती व जकांछ के मुखिया अजीत जोगी की संयुक्त सभा होनी है। उम्मीद की जा रही है कि इसी दिन अविभाजित सरगुजा की बची हुई सीटों पर गठबंधन द्वारा उम्मीदवार घोषित कर दिए जायेंगे।
जकांछ ने विधानसभा चुनाव के घोषणा के पूर्व से जिस तरह से आक्रामक रूख अपनाया था, उससे लगा था कि वह सरगुजा की सभी विधानसभा सीट पर भी दमदार प्रत्याशियों की घोषणा करेगी।
जकांछ द्वारा बसपा के गठबंधन के बाद जो पूर्व में प्रत्याशियों की सूची घोषित की थी, उसमें सबसे मजबूत उम्मीदवार सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य मुन्ना टोप्पो माने जा रहे थे।
लेकिन दो दिन पूर्व अचानक जकांछ द्वारा मुन्ना टोप्पो का नाम वापस लेते हुए उनकी जगह सेतराम बड़ा को सीतापुर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित कर दिया गया। जकांछ द्वारा सीतापुर से सेतराम बड़ा को प्रत्याशी घोषित किए जाने से मुन्ना टोप्पो के समर्थकों में काफी रोष है।
उन्होंने उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए मुन्ना टोप्पो की दावेदारी बिना किसी जानकारी के बदले जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। समर्थकों के रोष को देखते हुए मुन्ना टोप्पो ने सीतापुर क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लडऩे का ऐलान कर दिया है। उनके निर्दलीय चुनाव लडऩे से भाजपा-कांग्रेस की परेशानी बढ़ गई है।
उपेक्षा करने का लगाया आरोप
मुन्ना टोप्पो ने पत्रिका से चर्चा करते हुए कहा कि पूर्व में जकांछ द्वारा उन्हें सीतापुर विधानसभा उम्मीदवार बनाया था। लेकिन अचानक उन्हें हटा दिया गया। इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी भी नहीं दी गई है। समर्थकों द्वारा उनपर चुनाव लडऩे का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जकांछ द्वारा एक जनप्रतिनिधि को प्रत्याशी घोषित करने के बाद हटा दिए जाने से उन्हें अपमानित किया गया है।
कला केंद्र मैदान में होगी सभा
जकांछ व बसपा गठबंधन के बाद सरगुजा में पहली बार दोनों पार्टी के सुप्रीमो की आमसभा आयोजित की जा रही है। इसमें बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती व जकांछ सुप्रीमो अजीत जोगी शामिल होंगे लेकिन जिस तरीके से विधानसभा के लिए टिकट का वितरण किया गया है। उसकी वजह से अब तक सबसे अधिक जकांछ के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
'चुनाव में जकांछ को दिखेगा परिणाम'
मुन्ना टोप्पो ने कहा कि पार्टी अगर टिकट नहीं देती है तो भी वे सीतापुर विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ेगे। इस संबंध में समर्थकों से चर्चा की जा रही है। हर हाल में वे चुनाव लड़ेंगे और उनकी उपेक्षा का परिणाम भी जकांछ को विधानसभा चुनाव में देखने को मिल जाएगा।