
अंबिकापुर. मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर एमबीबीएस (MBBS) की 150 सीट की मान्यता लेने की तैयारी कर रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक 100 सीट का अप्रूवल ही कॉलेज को नहीं मिल सका है। इसका सेटअप भी अब तक तैयार नहीं है। एमसीआई ने पिछले 2-3 मौकों पर समय देने के बाद भी यहां का निरीक्षण नहीं किया।
मेडिकल कालेज व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने 10 फरवरी को एक बैठक की थी। इसमें एमबीबीएस (MBBS) की 100 सीट के बजाय 150 सीट का अप्रूवल लेने की योजना को अंतिम रूप दिया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीडब्ल्यूडी भी वर्तमान में तैयार किये जा रहे स्ट्रक्चर में बदलाव एवं फेरबदल करने की तैयारी में है।
नाम नहीं छापने की शर्त पर स्वास्थ्य महकमे के एक अधिकारी ने बताया कि मापदंडों के अनुसार यहां सर्जरी वार्ड में बेड की संख्या अब तक पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे 100 सीट का अप्रूवल मिलना भी टेढ़ी खीर है। कमियों के लिए एमसीआई ने कई बार मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर को फटकार लगाई है।
निरीक्षण से पहले छोड़़ गए थे डॉक्टर
एमसीआई के पिछले निरीक्षण से ठीक पहले यहां के कई डॉक्टर्स छोडक़र चले गए थे। डॉक्टरों की मानें तो इसका बड़ा कारण नियमितीकरण नहीं होना है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी भी मेडिकल कॉलेज में कई स्थायी पद रिक्त हैं। (MBBS)
20 फीसदी ही हुआ बिल्डिंग का काम
100 सीट के आधार पर तैयार किये जा रहे हॉस्पिटल और कॉलेज बिल्डिंग का काम भी अब तक 15.20 फीसदी ही हो सका है। इसे 150 सीट का बनाने के लिए एक्सटेंसन लेना होगा। इसमें देरी होगी।
अप्रूवल नहीं मिलने की वजह
1. स्थायी चिकित्सक की कमी
2. बिल्डिंग की अनुपलब्धता
3. पैरामेडिकल नर्स की कमी
4. ऑपेरशन की संख्या कम
5. वार्ड में बेड्स की कमी
हमने कर ली है पूरी तैयारी
एमसीआई के निरीक्षण के लिए हमने तैयारी कर ली है। सेटअप पूरा है। इतने में आमतौर पर अप्रूवल मिल जाता है। 150 सीट की डिमांड कर सकते हैं।
आरके सिंह, डीन, मेडिकल कॉलेज