
अंबिकापुर। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत करौंधा में मंगलवार को नाबालिग आदिवासी किशोरी की की मौत का मामला सामने आया था। उसका शव (Minor girl body found hanging) फंदे पर झूलता मिला था। वह कुछ समय से परिचितों के घर रह रही थी। वहीं वह किशोरी गांव के ही श्रवण जायसवाल के घर में रहकर घरेलू काम करती थी। परिजन और समाज के लोगों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। गुरुवार को देर शाम परिजन उसका शव लेकर अंबिकापुर स्थित आईजी कार्यालय पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि आईजी की ओर से मामले में जांच का आश्वासन दिया गया है।
बता दें कि किशोरी 1 सितंबर की दोपहर खाना खाने के बाद कमरे में आराम कर रही थी। शाम को जब वह दिखाई नहीं दी तो घरवालों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी बीच जब वे उसके कमरे में पहुंचे तो वह फांसी के फंदे पर लटकी मिली। उसे नीचे उतारकर स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच पश्चात डॉक्टर ने उसे मृत (Minor girl death) घोषित कर दिया।
सूचना पर पुलिस ने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया था। बताया जा रहा है कि श्रवण जायसवाल ने मृतका के परिजन को 20 हजार रुपए भी दिए थे। इसे लेकर परिजन व गांव के लोगों को संदेह है कि उसके साथ कोई न कोई बात हुई होगी या कुछ गलत हुआ होगा। इस वजह से उन्होंने किशोरी का शव का अंतिम संस्कार (No funeral of girl) नहीं किया।
इधर किशोरी की संदिग्ध हालत में मौत की जानकारी अंतिम संस्कार से पहले समाज के लोगों को हुई। इसके बाद गुरुवार देर शाम परिजन और समाज के लोग शव लेकर चांदो, बलरामपुर से अंबिकापुर स्थित आईजी कार्यालय (IG Office Ambikapur) पहुंचे।
उन्होंने घटना को लेकर संदेह जताते हुए शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। परिजनों का कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच कर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए। बताया जा रहा है कि उन्हें मामले में उचित आश्वासन मिला है।