
अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में आए दिन कुत्ते द्वारा लोगों पर हमला (Dog Attack) करने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। कई बार समय पर रेबीज का इंजेक्शन नहीं लगवाने व झाडफ़ूंक का सहारा लेने की वजह से लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन एक ऐसा भी मामला सामने आया, जिसमें एंटी रेबीज के 3 इंजेक्शन लगने के बाद भी डेढ़ साल की मासूम बेटी की जान नहीं बच पाई। दरअसल बलरामपुर जिले के बरियों स्थित ढाबे में खेल रही बच्ची को 10 दिन पूर्व एक आवारा कुत्ते ने गले और होठ में काट लिया था। मां द्वारा तत्काल उसे अस्पताल ले जाया गया। यहां एंटी रेबीज के ३ डोज लगाए गए। लेकिन 2 दिन पहले ही उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना में एक मां की गोद सूनी हो गई। महिला अपने पति से अलग रहती थी।
सूरजपुर जिले के कल्याणपुर निवासी रूपा अपनी 1 साल 8 माह की बेटी के साथ पति से अलग अपने मायके ग्राम चिंदिया में रहती है। वह बच्ची के पालन-पोषण और खुद के खर्च के लिए बरियों स्थित ढाबा में काम करती है। 10 दिन पूर्व महिला ढाबा में काम कर रही थी और पास में ही बच्ची खेल रही थी।
इस दौरान एक आवारा कुत्ता वहां पहुंच और बच्ची पर झपट (Dog attack on innocent girl) पड़ा। उसने बच्ची के गले व होठ के पास काट दिया। इससे वह रोने लगी तो ढाबे में काम कर रही मां और अन्य कर्मचारी दौड़े तो वह भाग निकला। इसके बाद बच्ची को इलाज के लिए राजपुर अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टर ने एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया।
निर्धारित समय में बच्ची को डॉक्टरों द्वारा एंटी रेबीज के 3 डोज लगा दिए गए थे। इसके बावजूद दवा का असर पूरी तरह बच्ची पर नहीं हुआ। इसी बीच दो दिन पूर्व मासूम की तबियत अचानक बिगड़ गई। यह देख मां हड़बड़ा गई और डॉक्टरों की सलाह पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान शुक्रवार की सुबह उसकी मौत हो गई।
मासूम की मौत (Daughter died) से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि महिला पति से अलग तो रह ही रही थी। बेटी का चेहरा देखकर वह अपनी बाकी की जिंदगी गुजार रही थी, लेकिन अब बेटी का भी साथ नहीं रहा। उसकी गोद सूनी हो गई।