Mouth Cancer: तंबाकू, गुड़ाखू व गुटखा के लगातार सेवन से मुख कैंसर के मरीजों की बढ़ रही संख्या, मेडिकल कॉलेज अस्पताल (Medical College hospital) में संसाधनों की कमी के बावजूद डॉक्टरों ने 20 दिन के भीतर 3 पीडि़तों का किया सफल ऑपरेशन, कीमोथेरेपी (Chemotherapy) के लिए जाना पड़ेगा रायपुर
अंबिकापुर. Mouth Cancer: मुख कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसका कारण लोगों में जागरूकता की कमी है। सरगुजा जिले के लोग तंबाखू, गुड़ाखु, गुटका का सेवन करते हैं। इसके कारण लोग मुख कैंसर से पीडि़त हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के डॉक्टरों ने 3 मुख कैंसर से पीडि़त मरीजों का सफल ऑपरेशन किया है। सफल ऑपरेशन पूर्ण होने के बाद अब इन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल (Medical College Hospital) में कीमोथेरेपी (Chemotherapy) की सुविधा न होने के कारण इन्हें रायपुर जाना पड़ेगा। यदि मुख कैंसर पीडि़तों द्वारा इसका ऑपरेशन निजी क्लिनिक में कराया जाता तो उन्हें करीब 3 लाख रुपए भुगतान करना पड़ता। फ्री में ऑपरेशन होने से उन्हें आर्थिक रूप से परेशान नहीं होना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल दंत विभाग के चिकित्सक डॉक्टर अभिषेक हरीश ने बताया कि अंबिकापुर निवासी अंजनी केवट उम्र 35 वर्ष, सूरजपुर भैयाथान थाना क्षेत्र निवासी हीरामणि यादव उम्र 55 वर्ष व लखनपुर निवासी निर्मला मिश्रा उम्र 60 वर्ष ऐसे भी मुख कैंसर से पीडि़त थे। यह तीनों पिछले दिसंबर महीने में अलग-अलग तिथि को ओपीडी दंत विभाग में आए थे। जांच के बाद पता चला कि मुख कैंसर से पीडि़त हैं।
डॉ अभिषेक हरीश ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर लखन सिंह को इसकी जानकारी दी। इसके बाद तीनों मरीजों का अलग-अलग तिथि में मुख कैंसर का सफल ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन में मुख्य रूप से एनेस्थिसिया विभाग से डॉक्टर मधुमिता मूर्ति, डॉ. शिवानी भगत व डेंटल सर्जन डॉ. अभिषेक हरीश मुख्य रूप से शामिल रहे।
स्वस्थ होने के बाद मरीजों को किया गया डिस्चार्ज
डेंटल सर्जन डॉ. अभिषेक हरीश ने बताया कि तीनों मरीजों का दिसंबर महीने में मुख कैंसर का ऑपरेशन किया गया था। सफल ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य में सुधार होने पर इन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कीमोथेरेपी की सुविधा ना होने के कारण इन मरीजों को कीमो के लिए रायपुर जाना पड़ेगा।
अब तक 61 मुख कैंसर पीडि़तों का हो चुका ऑपरेशन
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में संसाधन व उपकरणों की कमी के बावजूद भी डॉक्टरों की मेहनत व लगन से मुख कैंसर के अब तक 61 से ज्यादा मरीजों का ऑपरेशन किया जा चुका है।
एक मरीज के मुख कैंसर (Mouth Cancer) के ऑपरेशन में निजी क्लीनिक में लगभग तीन लाख से ज्यादा खर्च होता है। जबकि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने मुख कैंसर के 61 मरीजों का नि:शुल्क सफल ऑपरेशन कर मिसाल पेश की है।