हत्या के एक मामले में न्यायालय द्वारा 4 वर्ष पूर्व भेजा गया था जेल, परिजनों की उपस्थिति में कराया गया पीएम
अंबिकापुर. हत्या के आरोप में अंबिकापुर के केंद्रीय जेल में निरूद्ध बंदी की 25 मई की शाम अचानक तबियत बिगड़ गई। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल मे भर्ती कराया गया था। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में पीएम कराने के बाद परिजन को शव सौंप दिया।
सरगुजा जिले के दरिमा निवासी 65 वर्षीय रामलाल पिता होलसाय को हत्या के एक मामले में 14 मई 2015 को न्यायालय द्वारा धारा 302 व 34 के तहत सजा सुनाई गई थी।
न्यायालय द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद से वह केंद्रीय जेल अंबिकापुर में निरूद्ध था। 25 मई की शाम अचानक रामलाल की तबियत खराब हो गई।
उसे जेल अस्पताल में ही प्रारम्भिक इलाज के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां शाम लगभग 5.30 बजे उसकी मौत हो गई।
जेल कर्मचारियों ने बंदी की मौत की सूचना सबसे पहले उसके परिजन को दी। परिजन के पहुंचने के बाद उनके समक्ष शव का पीएम कराया गया। ग्रामीण की मौत से उसके परिजनों में मातम पसरा हुआ है।