
अंबिकापुर. Naag swallowed snake: सांप का नाम सुनते ही शरीर सिहर उठता है। यदि सांप आस-पास दिख जाए तो लोग डर से कांप उठते हैं। बात जब नाग सांप की हो तो कलेजा मुंह को आ जाता है लेकिन स्नेकमैन के नाम से मशहूर सत्यम द्विवेदी लगातार शहर सहित जिलेभर में सांपों का रेस्क्यू कर रहे हैं। सांपों के रेस्क्यू के दौरान कभी ऐसा नजारा भी सामने आ जाता है जब उन्हें भी हैरान (Shock) कर देता है। ऐसा ही मामला शहर से लगे ग्राम अजिरमा में नाग सांप (Naag) का रेस्क्यू करने के दौरान देखने को मिला। नाग सांप ने अपने से भी विशाल सांप (Big snake) को निगल लिया था। ऐसे में उसका शरीर अजगर जैसा हो गया था। जब वे सांप को पकडऩे पहुंचे तो नाग ने निगले हुए सांप को बाहर निकाला। सत्यम द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने ऐसा पहली बार देखा है।
शहर से लगे अजिरमा शराब दुकान के पास एक बंगाली परिवार के घर नाग सांप देखा गया। इसकी सूचना मिलने पर स्नेकमैन सत्यम द्विवेदी रेस्क्यू करने पहुंचे। नाग सांप अजगर की तरह दिखाई दे रहा था। जब सत्यम ने उसे पकडऩे की कोशिश की तो पता चला कि उसने दूसरा सांप निगल लिया है।
इस दौरान नाग ने निगले हुए सांप को मुंह से बाहर निकालना शुरु किया। यह नजारा वहां मौजूद स्नेमैन व अन्य लोगों को हैरान करने वाला था। कुछ ही देर में नाग ने निगले हुए सांप को बाहर निकाल दिया। उक्त सांप की लंबाई करीब 6 फीट थी। इसके बाद स्नेकमैन (Snakeman) ने नाग को पकड़कर डिब्बे में डाला और सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया।
ऐसा पहली बार देखा
इस संबंध में स्नेकमैन सत्यम ने बताया कि उन्होंने नाग सांप को दूसरा सांप निगले हुए पहली बार देखा है। नाग ने अपने से भी विशाल सांप को निगला था। उन्होंने बताया कि इसके पहले उन्होंने अहिराज सांप का रेस्क्यू किया था जिसने अपने से भी विशाल सांप को निगल लिया था।
पशु पुनर्वास केंद्र में कर रहे बेजुबानों की सेवा
स्नेकमैन सत्यम इन दिनों शहर में मां महामाया पशु पुनर्वास केंद्र खोलकर बेजुबान जानवरों की सेवा कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके पास हर दिन किसी ने किसी का फोन आता है। फोन आने पर वे मौके पर पहुंचते हैं और घायल बेजुबान व वन्य जीवों को लाकर उपचार करते हैं।