महुआ बिनने के दौरान दो भालू 2 शावकों के साथ आ धमके, एक भालू ने पैने नाखूनों से ग्रामीण को कर दिया जख्मी
अंबिकापुर. एक ग्रामीण अपने भतीजे के साथ रविवार की शाम जंगल में महुआ बिनने गया था। इसी दौरान झाड़ी से निकलकर एक भालू ने ग्रामीण पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से वह बचाने के लिए चिल्लाने लगा। इस दौरान भतीजे ने भालू को टांगी से मार कर भगाया और चाचा की जान बचाई। भालू ने उसका सिर अपने पैने नाखूनों से नोच लिया था। उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र के ग्राम नवगई निवासी 45 वर्षीय अरुण सिंह पिता मंगल सिंह रविवार की शाम अपने भतीजे रामनरेश के साथ महुआ बिनने गांव से लगे जंगल में गया था। उसी दौरान दो शावक के साथ दो भालू वहां आ धमके। इसमें से एक भालू ने अरुण पर हमला कर दिया।
भालू से जान बचाने पहले तो लड़ा लेकिन जब उसे लगा कि भालू उसकी जान ले लेगा तो वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा। चाचा के चिल्लाने की आवाज सुनकर कुछ ही दूरी पर महुआ बिन रहा भतीजा टांगी लिए दौड़कर पहुंचा। उसने देखा कि भालू ने चाचा को दबोच रखा है।
इसके बाद उसने टांगी से भालू के ऊपर हमला किया तो भालू उसे लहूलुहान स्थिति में छोड़कर जंगल में भाग निकला। फिर भतीजे ने चाचा को गोद में उठाया और किसी तरह गांव पहुंचा। यहां से उसे रघुनाथनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने रेफर कर दिया।
इसके बाद परिजन उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर लेकर पहुंचे। यहां उसका इलाज जारी है। भालू के हमले में सिर गंभीर रूप से जख्मी हुआ है। घायल ग्रामीण ने बताया कि यदि समय रहते उसका भतीजा वहां नहीं पहुंचता तो भालू उसकी जान ले लेता।