
अंबिकापुर. कोरोना के इस दौर में जहां स्कूल-कॉलेज बंद हैं। वहीं कई निजी स्कूलों (Private Schools) द्वारा ऑनलाइन क्लास (Online Class) का संचालन किया जा रहा है। फीस व किताब-कॉपी के नाम पर लूट मची है। इधर अभिभावकों ने शहर के एक निजी स्कूल के खिलाफ डीईओ से शिकायत की है।
उनका कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने पिछले साल की भांति इस वर्ष भी अंग्रेजी माध्यम की सभी पुस्तकें बदल दी हैं। इससे उन्हें आर्थिक समेत अन्य परेशानी हो रही है। जकांछ ने भी डीईओ (DEO) से मामले की शिकायत पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के जिलाध्यक्ष देवेश प्रताप सिंह ने डीईओ को सौंपे शिकायती आवेदन में बताया है कि शहर के उर्सूलाइन इंग्लिश मेडियम स्कूल द्वारा सभी पुस्तकें बदल दी गई हैं।
स्कूल सीजी बोर्ड (CG board) से संबंधित है ऐसे में उन्हें शासन की ओर से पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती है, जबकि स्कूल प्रबंधन द्वारा मनमानी करते हुए अंग्रेजी माध्यम (English Medium) की सभी पुस्तकें बदल दी गई हैं, ऐसे में अभिभावकों को दोगुना रेट चुकाना पड़ रहा है।
पिछले साल भी पुस्तकें बदली गई थीं। स्कूल प्रबंधन के इस रवैय्ये से अभिभावकों में रोष है। उन्होंने डीईओ से मामले की जांच कर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
किताबों के लिए बताते है पर्टिकुलर दुकान का नाम
इधर अभिभावकों का कहना है कि उनके व्हाट्सएप नंबर पर स्कूल की शिक्षिकाओं द्वारा पुस्तकें खरीदने बकायदा किताब दुकान का नाम भी बताया जा रहा है।
ऐसे में लगता है कि उक्त दुकान से उन्हें कमीशन मिल रहा है। पुस्तकों का रेट भी बढ़ाया गया है तथा अनाप-शनाप प्रिंट रेट पर पुस्तकें दुकानदार द्वारा बेची जाती हैं।