
अंबिकापुर। अंबिकापुर के रिंग रोड चोपड़ापारा में रविवार की दोपहर एक तेज रफ्तार कार सडक़ किनारे खड़ी गाडिय़ों को टक्कर मारने के बाद बीच सडक़ पर पलट (Car overturned in Ambikapur) गई। हादसे के बाद कार से निकलकर 3 लडक़े वहां से फरार हो गए। इस दौरान कुछ देर के लिए वहां जाम लग गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि लडक़े नशे में थे तथा नाबालिग थे। सूचना पर गांधीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और कार को किनारे कराकर आवागमन शुरु कराया। गनीमत रही कि कार की चपेट में कोई नहीं आया, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस ने कार जब्त कर नंबर के आधार पर मालिक की शिनाख्त शुरु कर दी है। नाबालिगों के हाथों में कार की चाबी देने को लेकर भी लोगों ने नाराजगी व्यक्ति की है।
अंबिकापुर के रिंग रोड पर आकाशवाणी चौक की ओर से तेज रफ्तार में कार क्रमांक सीजी 15 ईडी-3543 काली मंदिर की ओर जा रही थी। इसी बीच सेंट्रल बैंक के सामने कार अनियंत्रित हो गई और सडक़ किनारे खड़ी 2-3 गाडिय़ों को टक्कर मारते हुए बीच सडक़ पर पलट (Car accident) गई।
हादसे के बाद वहां काफी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई और सडक़ पर जाम लग गया। इसी बीच कार से निकलकर 3 लडक़े भीड़ के बीच से फरार हो गए। गनीमत रही कि कोई व्यक्ति कार की चपेट में नहीं आया, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार पलटने के बाद उसमें से 3 लडक़े निकले और फरार हो गए। वे नाबालिग लग रहे थे तथा शराब के नशे में धुत थे। हादसे की सूचना गांधीनगर पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवागमन शुरु कराने की दिशा में काम शुरु किया। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद कार को हटवाकर आवागमन शुरु कराया।
हादसे में दुर्घटनाग्रस्त कार (Accidental car) के मालिक का पता लगाने लगाने के प्रयास में पुलिस जुट गई है। कार नंबर के आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस यह भी प्रयास कर रही है कि हादसे के वक्त कार कौन ड्राइव कर रहा था। यदि नाबालिग लडक़ा वाहन चला रहा था तो मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शहर में आए दिन नाबालिग लडक़े-लड़कियां सडक़ पर दोपहिया-चारपहिया वाहन दौड़ाते नजर आ जाते हैं। इनके वाहनों की रफ्तार अन्य लोगों से काफी तेज होती हैं। ऐसे बच्चों के अभिभावक उन्हें चाबी थमाते हैं या जिद कर वे घर से वाहन लेकर निकल (Car-bike drive) जाते हैं। स्कूली लडक़े-लड़कियों में स्कूटी, बाइक का काफी के्रज देखा जा रहा है। जबकि18 वर्ष से कम उम्र के लडक़े-लड़कियों को गाड़ी थमाना जुर्म है।