
अंबिकापुर. एक किशोरी पिछले 2 साल से पेट दर्द से परेशान थी। उसके माता-पिता ने कई बार डॉक्टरों से उसे दिखाया लेकिन दवा लेने के बाद भी उसे इससे निजात नहीं मिल पा रहा था। फिर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों ने जांच की तो डॉक्टर भी हैरान रह गए।
उसके यूरिन ब्लैडर में बड़ा स्टोन होने की जानकारी मिली। इसके बाद यहां के सर्जन चिकित्सक ने 1 घंटे का ऑपरेशन कर 350 ग्राम का स्टोन बाहर निकाला। फिलहाल किशोरी स्वस्थ है। (Stone in stomach)
बलरामपुर जिले के ग्राम आरा निवासी 16 वर्षीय रूखसाना पिछले दो वर्ष से पेट की दर्द से परेशान थी। परिजन काफी गरीब होने के कारण उसका इलाज नहीं करा पा रहे थे। किशोरी की एक रिश्तेदार तारा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मितानिन है। उसने अपने पास बुलाकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज कराया।
जांच के दौरान चिकित्सक को पत्थरी का संदेह हुआ। चिकित्सक ने उसकी सोनोग्राफी करवाई। रिपोर्ट में यूरिन ब्लैडर में स्टोन पाया गया। सर्जन चिकित्सक डॉ. जे एक्का ने गुरुवार को किशोरी का ऑपरेशन किया। एक घंटे का सफल ऑपरेशन कर चिकित्सक ने उसके पेट से 350 ग्राम का स्टोन निकाला।
कई ऑपरेशन कर चुके हैं डॉ. जे. एक्का
डॉ. जे एक्का मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सीनियर सर्जन चिकित्सक हैं। वह कई ऑपरेशन कर चुके हैं। उन्होंने इससे पूर्व पित्त की थैली में पथरी का सफल ऑपरेशन किया था, इस दौरान भी स्टोन काफी बड़ा था।
इस बार भी किशोरी का सफल ऑपरेशन कर चिकित्सक ने जान बचाई है। किशोरी का मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पूरा इलाज नि:शुल्क किया गया है। फिलहाल वह स्वस्थ है।
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