अंबिकापुर

Student death case: छात्र की मौत का मामला: पहाड़ी कोरवा आश्रम के प्रभारी अधीक्षक को दी गई ये सजा

Student death case: तबीयत खराब होने पर आश्रम के अधीक्षक ने संवेदनहीनता का परिचय देते हुए छात्र को उसके परिजनों के साथ भेज दिया था घर, जबकि छात्र का कराना था इलाज
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Student death case: छात्र की मौत का मामला: पहाड़ी कोरवा आश्रम के प्रभारी अधीक्षक को दी गई ये सजा
Student dead body

राजपुर।बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड राजपुर में पहाड़ी कोरवा बालक आश्रम लाऊ में अध्ययनरत 7 वर्षीय छात्र अजीत कुमार की मौत के मामले (Student death case) में त्वरित कार्यवाही की गई है। इस मामले में डीईओ ने आश्रम के प्रभारी अधीक्षक को निलंबित कर दिया है। दरअसल आश्रम में छात्र की तबीयत खराब हो गई थी, लेकिन अधीक्षक ने लापरवाही बरतते हुए उसे घर भेज दिया था। बाद में छात्र की अस्पताल ले जाते मौत हो गई थी।

इस संबंध (Student death case) में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग ने जानकारी दी है कि पहाड़ी कोरवा बालक आश्रम लाऊ के प्रभारी अधीक्षक बीरसाय राम को उनके पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीन और अकर्मण्य मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा निलंबित कर दिया गया है।

निलंबन अवधि में (Student death case) बीरसाय राम का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कुसमी निर्धारित किया गया है।

Student death case: बहन गोद में लेकर गई थी पैदल

लाऊ आश्रम में अध्ययनरत पहली कक्षा के छात्र अजीत की तबियत खराब होने पर उसका बेहतर इलाज कराने की बजाय अधीक्षक ने परिजन को बुलवाकर उसे घर (Student death case) भेज दिया था। पिता के घर में नहीं होने के कारण उसकी 15 वर्षीय बहन आश्रम आई थी।

फिर कोई साधन नहीं होने पर पैदल ही भाई को गोद में लेकर 5 किमी की दूरी तय की थी। इसके बाद छात्र की हालत और खराब हो गई थी और राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से अंबिकापुर ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत (Student death case) हो गई थी।

Updated on:
06 Feb 2025 04:44 pm
Published on:
06 Feb 2025 04:44 pm
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