
कुसमी। सामरी पाठ थाना अंतर्गत नक्सल प्रभावित रहे सुदूर ग्राम चुनचुना-पुंदाग के ग्रामीण मंगलवार की सुबह चार स्थानों पर माओवादियों द्वारा लगाए गए धमकी भरे बैनर (Naxalite threaten banners) को देखकर दहशत में आ गए। इन बैनरों में पुलिस, प्रशासन व वन विभाग के खिलाफ बातें लिखी गईं हैं। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है। वहीं सामरी थाना प्रभारी गांव में ही कैंप में रूक गए हैं ताकि ग्रामीणों के बीच किसी तरह की भय की स्थिति न बन पाए।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरीपाठ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चुनचुना व पुंदाग के ग्रामीण मंगलवार की सुबह चौक व दीवारों पर धमकी भरे माओवादी बैनर (Naxalite threaten banners) देखकर सकते में आ गए। नक्सल प्रभावित रहे इस इलाके में लंबे समय बाद माओवादियों की गतिविधि को देख ग्रामीण डर गए।
पुंदाग के अटल चौक, चुनचुना-पुंदाग के सरहद पर बने गोठान के सेग्रीग्रेशन शेड की दीवार के साथ चुनचुना पंचायत के चरहु निवासी स्व. सोनू उर्फ सनीउल्ला के सूने मकान की दीवार व एक अन्य स्थान पर झाडिय़ों के समीप कुल चार जगह माओवादियों द्वारा बैनर (Naxalite threaten banners) लगाए गए थे।
इन बैनरों में भाकपा माओवादी संगठन की ओर से पुलिस-प्रशासन व वन विभाग को होश में आने के साथ ही सडक़ निर्माण बंद करने, पेड़ कटाई बंद करने, जल-जंगल-जमीन हमारा है आदि बातें लिखी गईं हैं।
माओवादियों के बैनर (Naxalite threaten banners) मिलने के बाद क्षेत्र के लोग फिर से भयभीत नजर आ रहे हैं। हालांकि इसकी जानकारी होते ही पुंदाग में तैनात सीईएफ व झारखंड सीआरपीएफ बटालियन जवानों द्वारा बैनर को निकालकर जब्त कर लिया गया।
वहीं सूचना पर बलरामपुर एडिशनल एसपी विश्व दीपक त्रिपाठी, कुसमी एसडीओपी इमानुएल लकड़ा व सामरी पाठ थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू करते हुए ग्रामीणों को पर्याप्त सुरक्षा (Naxalite threaten banners) प्रदान करने की बात कही तथा उन्हें भयभीत नहीं होने कहा। वहीं सामरी पाठ थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह वहां कैंप में ही रुके हैं। वे क्षेत्र पर नजर रखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने में सक्रिय हैं।
बताया जा रहा है कि एक सप्ताह पूर्व पुंदाग से लगे झारखंड क्षेत्र के तुमेरा में भी सीआरपीएफ जवानों द्वारा एक स्थान पर बिछी आईईडी को विस्फोट कर (Naxalite threaten banners) नष्ट किया गया था। इसके साथ वहां जमीन में गड़े हुए 2 हथियार भी बरामद किए गए थे।
छत्तीसगढ़ व झारखंड पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों की सक्रियता से माओवादी का बेस कैंप बूढ़ा पहाड़ के साथ चुनचुना-पुंदाग क्षेत्र अब लगभग शांत हो गया है।
लेकिन माओवादियों (Naxalite threaten banners) द्वारा समय-समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने इस तरह की हरकतें की जा रही हैं। बुधवार को क्षेत्र का जनजीवन सामान्य रहा, लेकिन पंचायत चुनाव में लोग एक गांव से दूसरे गांव प्रचार में जाने से घबरा रहे हैं।
Published on:
05 Feb 2025 08:15 pm
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