सरगुजा के दोनों दिग्गज जनप्रतिनिधियों ने जीरो इयर न घोषित करने का किया अनुरोध, आवश्यक दस्तावेज भी सौंपे
अंबिकापुर. एमसीआई द्वारा मेडिकल कॉलेज के तृतीय सत्र को जीरो इयर घोषित कर दिए जाने के बाद सरगुजा के दो बड़े जनप्रतिनिधि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव व केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह ने पहल तेज कर दी है। वहीं कॉलेज प्रबंधन ने भी पूरी ताकत लगा दी है।
चूंकि एमसीआई द्वारा नियमानुसार मान्यता सिर्फ 31 मई तक ही दिए जाने का प्रावधान था, इसलिए एमसीआइ के हाथ से बात निकल चुकी है, अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री 15 जून तक इस संबंध में निर्णय ले सकते हैं।
सरगुजा सांसद व आदिवासी मामलों की केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने जहां गुरुवार की रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर परिस्थितियों से अवगत कराया तो वहीं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी शुक्रवार को डीएमई, डीन व अन्य अधिकारियों के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिले।
मुलाकात के दौरान स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कॉलेज से संबंधित समस्त दस्तावेज उपलब्ध कराए और कहा कि मानक अनुरूप जो भी अधोसंरचना विकास की जरूरत है, उसे तत्काल पूरा किया जाएगा। अब पूरा मामला केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रूख पर ही अटका हुआ है।
एमसीआइ द्वारा मेडिकल कॉलेज के तृतीय सत्र को जीरो इयर घोषित किए जाने के बाद सरगुजा के विकास को लेकर राजनीति से परे भाजपा व कांग्रेस के जनप्रतिनिधि सक्रिय हो गए हैं। गुरुवार की रात 8 बजे के आसपास सरगुजा सांसद व आदिवासी विकास राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से मुलाकात की।
उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से सरगुजा में स्वास्थ्य सुविधा की विकास व एमसीआइ द्वारा मेडिकल कॉलेज को जीरो ईयर घोषित किए जाने के संबंध में चर्चा की। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के संबंध में जो भी दस्तावेज उपलब्ध थे, वह उन्हें सौंपा। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को बताया कि सरगुजा अनुसूचित जनजाति क्षेत्र है।
सरगुजा में पहले से ही स्वास्थ्य सुविधा कम है। ऐसे में जीरो इयर घोषित होने पर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज के तृतीय सत्र को जीरो इयर घोषित किए जाने से एमबीबीएस की 100 सीट शून्य हो जाएगी। इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि यह समस्या आपके द्वारा संज्ञान में लाई गई है।
एमसीआई से फाइल मंगा कर देखा जाएगा कि क्या स्थिति है। मामला कहां अटका है, इसके बाद नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
जीरो इयर घोषित नहीं करने का अनुरोध
शुक्रवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से मुलाकात की और वस्तुस्थिति से अवगत कराया। टीएस सिंहदेव ने डॉ. हर्षवर्धन को बताया कि चिकित्सा शिक्षा के लिए एमसीआई के मानक अनुरूप मेडिकल कॉलेज में सारी सुविधाएं मौजूद है।
सिंहदेव ने इन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जीरो इयर घोषित नहीं करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार वहां बेहतर अधोसंरचना और सुविधाएं मुहैया करा रही है। प्रदेश में डॉक्टरों की संख्या कम है। शासन डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने और स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी के लिए अग्रसर है। ऐसे में जीरो इयर घोषित होने से सरकार की कोशिशों को धक्का लगेगा।
गम्भीरता पूर्वक करेंगे विचार
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने जनप्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया है कि भारत सरकार उनकी मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार करेगी। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की आपत्तियों और कालेज में उपलब्ध सुविधाओं पर पुनर्विचार कर वहां जीरो इयर घोषित न हो, इसकी हरसंभव कोशिश की जाएगी।