PWD EE: बलरामपुर-रामानुजगंज के पीडब्ल्यूडी विभाग के ईई ने बिना सीई और एसई का परमिशन लिए कराया निर्माण कार्य, अब पैसा भुगतान के लिए पेश किया बिल
अंबिकापुर. PWD EE: पीडब्ल्यूडी बलरामपुर-रामानुजगंज के ईई (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) बंगले में एक अतिरिक्त कमरा बना लिया गया है। इस कमरे के निर्माण के लिए विभागीय परमिशन नहीं ली गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभाग ने मे. दुबे कंस्ट्रक्शन से इस काम को करा लिया है और इसका भुगतान ऑर्डिनरी मेंटेनेंस के नाम पर कराने की तैयारी है। चौंकाने वाली बात यह भी है कि बिना विभागीय परमिशन के ही एमबी (मेजरमेंट बुक) रिकॉर्ड कर लिया गया है।
बलरामपुर-रामानुजगंज पीडब्ल्यूडी में ईई ने अपने शासकीय आवास पर एक बड़े कमरे, वॉशरूम व अन्य नए कंस्ट्रक्शन करा लिए हैं। इनमें इलेक्ट्रीसिटी व प्लंबिंग का काम भी शामिल है। इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि ये काम मे. दुबे कंस्ट्रक्शन कर रहा है।
जबकि इस काम के लिए पीडब्ल्यूडी से कोई परमिशन नहीं ली गई है। वहीं मेसर्स दुबे कंस्ट्रक्शन नाम की फर्म का जिक्र करते हुए ईई संतोष कुमार गुप्ता ने एक अनुबंध (18/डीएल/23-24) किया है।
यह ऑर्डिनरी मेंटेंनेंस का काम है। इसके लिए एमबी नंबर 3565 को रिकॉर्ड किया गया है। इसमें काम को पूर्ण बताकर 13 लाख 25 हजार 343 रुपए के भुगतान की मांग की गई है। बताया जा रहा है कि इसी राशि से ईई के बंगले का काम कराया गया है। इस मामले में ईई संतोष कुमार गुप्ता खुलकर बात करने से बच रहे हैं।
ऑर्डिनरी मेंटनेंस में नहीं करा सकते नया निर्माण
अनुबंध क्रमांक (18/डीएल/23-24) ऑर्डिनरी मेंटेनेंस का काम है। इसमें मेंटेनेंस के काम कराए जा सकते हैं। नए भवन/कमरे के निर्माण के लिए विभागीय परमिशन लेनी होती है। जो उक्त अनुबंध में नहीं ली गई है। ईई बंगले में हुए काम की स्पष्ट जानकारी देने से अफसर बच रहे हैं।
आज बलरामपुर पहुंचेंगे ई-इन- सी
पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर-इन-चीफ (ई-इन-सी) बुधवार को बलरामपुर का दौरा कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार वे अंबिकापुर से बलरामपुर, चांदो, सामरी, आस्ता होते हुए जशपुर रवाना होंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि ई-इन-सी इस प्रकरण की भी जांच कर सकते हैं।
कंटीजेंसी मद से स्वीकृति मांग रहे ईई
ईई रामानुजगंज के बंगले में अतिरिक्त कक्ष के निर्माण के लिए कोई परमिशन नहीं दी गई है। यदि अतिरिक्त कक्ष बनाया गया है तो इसकी परमिशन जरूरी है। ईई कंटीजेंसी मद से राशि की मांग जरूर कर रहे हैं, जिसका परमिशन दे पाना संभव नहीं है।
एसके संत, एसई, पीडब्ल्यूडी