Women's Reservation Bill: भाजपा की ओर से जिला पंचायत सदस्य दिव्या सिंह सिसोदिया व कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक अंबिका सिंह देव ने प्रेस वार्ता के माध्यम से रखी अपनी-अपनी बातें
अंबिकापुर. महिला आरक्षण विधेयक को लेकर शहर में सियासी माहौल गरमा (Women's Reservation Bill) गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। भाजपा जहां कांग्रेस को महिला विरोधी बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे भाजपा का दुष्प्रचार करार दे रही है। दोनों दलों ने अलग-अलग प्रेसवार्ताओं के जरिए अपनी-अपनी बातें रखीं।
संकल्प भवन में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा की ओर से जिला पंचायत सदस्य दिव्या सिंह सिसोदिया और जिला महामंत्री अरुणा सिंह ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। दिव्या सिंह ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Women's Reservation Bill) को लोकसभा में पारित नहीं होने देने के लिए कांग्रेस और सहयोगी दल जिम्मेदार हैं।
इसे महिलाओं के साथ विश्वासघात बताया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने परिसीमन, धर्म आधारित आरक्षण और क्षेत्रीय विवाद जैसे मुद्दे उठाकर विधेयक में बाधा डाली। उन्होंने कहा कि यह देश की करोड़ों महिलाओं का अपमान है। साथ ही बताया कि भाजपा सरकार ने पंचायतों में 50 प्रतिशत तक महिला आरक्षण (Women's Reservation Bill) लागू कर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई है, जो अब 57 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
जिला महामंत्री अरुणा सिंह ने कहा कि कांग्रेस के नकारात्मक रवैये के कारण बिल पारित नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने बिल गिरने पर संसद में जश्न मनाया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर बूथ स्तर तक अभियान (Women's Reservation) चलाने की बात कही। इस दौरान संकल्प भवन स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में महापौर मंजूषा भगत, प्रदेश प्रवक्ता संतोष दास, जिला संवाद प्रमुख रूपेश दुबे और महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष शुभांगी बिहाडे की उपस्थिति थीं।
जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में बैकुंठपुर की पूर्व विधायक अंबिका सिंहदेव ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए इसे दुष्प्रचार बताया। उन्होंने कहा कि सितंबर 2023 में महिला आरक्षण (Women's Reservation) बिल कांग्रेस के सहयोग से पारित हुआ और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन चुका है, लेकिन भाजपा सरकार इसे लागू करने में टालमटोल कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जनगणना और परिसीमन का हवाला देकर इसे 2034 तक टाल दिया है। कांग्रेस की मांग है कि वर्तमान लोकसभा की 543 सीटों में से 33 प्रतिशत यानी 181 सीटें तुरंत महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएं। उन्होंने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण की आड़ में मनमाफिक परिसीमन लागू करना चाहती है।
कांग्रेस ने महिलाओं (Women's Reservation Bill) को राजनीतिक भागीदारी देने का श्रेय भी खुद को दिया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, निगम में नेता प्रतिपक्ष शफ़ी अहमद, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, विनीत विशाल जायसवाल, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष सीमा सोनी, पूर्व महिला जिलाध्यक्ष संध्या रवानी, गीता प्रजापति, सरला सिंह, प्रीति सिंह, शकीला सिद्दकी मौजूद रहे।