
Mayor presented budget (Photo- Patrika)
अंबिकापुर. नगर निगम की समान्य सभा की बैठक शुक्रवार को निगम कार्यालय में हुई। यहां महापौर मंजूषा भगत ने वर्ष 2026-27 के लिए 5.79 अरब रुपए का बजट (Ambikapur Nigam Budget) पेश किया। इसमें शहर में 100 करोड़ की लागत से गोल बाजार, स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स, नया स्वीमिंग पुल समेत अन्य निर्माण कार्य को शामिल किया गया है। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा कि बजट विधि के अनुसार होनी चाहिए। बजट के लिए मात्र 15 मिनट का समय दिया गया है। इतने कम समय में बजट को पढक़र कैसे समझा जा सकता है। वहीं प्रश्नकाल के दौरान शहर के तालाबों पर अतिक्रमण, अग्निकांड, पेयजल का मुद्दा गरमाया रहा।
सत्ता पक्ष के पार्षद आलोक दुबे, अशोक सोनवानी ने शहर के तालाबों पर हो रहे अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। आलोक दुबे ने कहा कि शहर में 19 तालाब हैं, जिनका रकबा दिनों दिन घटता जा रहा है। भू-माफिया अतिक्रमण कर रहे हैं। इसे लेकर एमआईसी सदस्य मनीष सिंह ने तालाबों के सीमांकन (Ambikapur Nigam Budget) की मांग की।
इस पर सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी ने सीमांकन के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखने के निर्देश दिए। वहीं नगर निगम अंतर्गत बनने वाले पीएम अवास का भी मुद्दा उठा।
पार्षद आलोक दुबे ने कहा कि पीएम आवास के हितग्राही आखिर कब गृह प्रवेश करेंगे। पूर्व महापौर अजय तिर्की का कार्यकाल खत्म हो गया, क्या अब वर्तमान महापौर (Ambikapur Nigam Budget) का भी कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। पीएम आवास के लिए जटिल प्रक्रिया निवास को लेकर भी सत्ता पक्ष व विपक्ष ने रखा।
महापौर मंजूषा भगत ने 5.79 अरब रुपए का बजट (Ambikapur Nigam Budget) पेश किया। इसमें शहर के विकास के लिए किए जाने वाले निर्माण कार्यों को शामिल किया गया है। इसके तहत अंबिकापुर में 100 करोड़ की लागत से गोल बाजार, जिला अस्पताल के पास अंडर ग्राउंड ब्रीज निर्माण, 10 करोड़ की लागत से नए स्वीमिंग पुल का निर्माण, 8 करोड़ की लागत से स्पोट्र्स काम्पलेक्स निर्माण, 30 करोड़ की लागत नए स्टेडियम का निर्माण तथा 25 करोड़ की लागत से सामुदायिक काम्पलेक्स का निर्माण को शामिल किया गया है।
निगम के नेता प्रतिपक्ष ने अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि 30 नवम्बर या उससे पहले बजट का प्रारूप तैयार हो जाना चाहिए, ताकि सामान्य सभा में इसे प्रस्तुत करने से पहले एमआईसी इस पर विचार कर सके। इसके अलावा पार्षदों को 15 जनवरी से 15 फरवरी तक का समय बजट (Ambikapur Nigam Budget) को समझने के लिए मिल पाए, तब वे समझ पाएंगे कि बजट वास्तव में क्या है। इसके बाद 31 मार्च तक बजट पेश करना अनिवार्य है।
नियमानुसार बजट पेश नहीं करने की स्थिति में यह सिर्फ एक दस्तावेज साबित होगा। यह पार्षदों के अधिकारों का हनन है। नेता प्रतिपक्ष ने आग्रह किया कि भविष्य में बजट नियमानुसार पेश हो, इसका ध्यान रखा जाए। उन्होंने होने वाले आय-व्यय का अंकेक्षण रिपोर्ट भी पेश करने के लिए कहा, ताकि नए पार्षदों को भी इसका ज्ञान हो सके।
शहर के रिहायशी इलाके में गुरुवार को बनी विस्फोटक स्थिति पर प्रश्नकाल के पूर्व नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने मुद्दा उठाया। सत्ता पक्ष के पार्षद आलोक दुबे ने भी इसे गंभीरता (Ambikapur Nigam Budget) से लेते हुए नगर निगम के आयुक्त से विस्फोटक अधिनियम के तहत जिला प्रशासन के द्वारा नगर में कितने व्यवसायियों को पटाखा बेचने व गोदाम का लाइसेंस जारी किया गया है, इसकी जानकारी मांगी।
इस पर निगम आयुक्त डीएन कश्यप ने स्पष्ट किया कि निगम के पास ऐसी कोई सूची उपलब्ध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेड लाइसेंस का पंजीकरण होने के बाद निगम के पास सारे व्यवसायियों की सूची उपलब्ध रहेगी। इस पर आलोक दुबे ने कहा कि निगम के पास विस्फोटक पदार्थ रखने वालों की सूची का न होना गंभीर विषय है।
सामान्य सभा में शहर में हुए भीषण अग्निकांड के मामले (Ambikapur Nigam Budget) में जांच के लिए निगम के सभापति की सहमति से 7 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है, इसमें सत्ता पक्ष से 4 और विपक्ष से 3 पार्षदों को शामिल किया गया है। महापौर ने जांच टीम में सत्ता पक्ष की ओर पार्षद श्वेता गुप्ता, मनोज गुप्ता, विकास पांडेय, राहुल त्रिपाठी और नेता प्रतिपक्ष ने पार्षद पपिन्दर सिंह, शुभम जायसवाल और बाबर इदरिशी को शामिल किया है।
निगम के सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी ने 15 दिवस के अंदर जांच रिपोर्ट पेश करने के साथ निगम के अमले को निर्देशित किया है कि, अगर मिलीभगत से किसी को लाइसेंस (Ambikapur Nigam Budget) जारी किया गया है तो इसे नियमानुसार निरस्त करने की कार्रवाई की जाए।
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
Updated on:
24 Apr 2026, 8:15 PM IST
Published on:
24 Apr 2026, 8:15 PM IST
बड़ी खबरें
View Allअंबिकापुर
छत्तीसगढ़




