HIGHLIGHTS बराक ओबामा ( Barack Obama ) ने कहा कि राष्ट्र ऐतिहासिक संकटों का सामना कर रहा है, क्योंकि अमरीका ( America ) में गहरी नस्लीय ( Racism ) और सामाजिक आर्थिक असमानताएं उजागर हुई हैं। बराक ओबामा ने प्रदर्शनकारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आपके पास चीजों को बेहतर बनाने की शक्ति है।

वॉशिंगटन। अमरीका ( America ) में अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड ( George Floyd ) की मौत के विरोध में लगातार हो रहे प्रदर्शन को लेकर अब सियासत शुरू हो गया है। दरअसल, अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ( Former President Barack Obama ) ने हिंसात्मक प्रदर्शन की निंदा करते हुए कहा है कि राष्ट्र संकटों के दौर से गुजर रहा है।
ओबामा ने कहा कि राष्ट्र ऐतिहासिक संकटों का सामना कर रहा है, क्योंकि अमरीका में गहरी नस्लीय और सामाजिक आर्थिक असमानताएं उजागर हुई हैं। इन घटनाओं ने नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को एक नया रूप दे दिया है।
बराक ओबामा ने देश में हिंसा और नस्लवाद ( Racism ) का प्रदर्शन कर रहे युवा प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए व्यावहारिक समाधान के माध्यम से प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि आपके पास चीजों को बेहतर बनाने की शक्ति है।
बता दें कि इससे पहले ओबामा ने जॉर्ज फलॉयड की मौत के विरोध में हो रही हिंसा की निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि प्रदर्शनकारियों को अपनी समस्याओं का राजनीतिक समाधान ढूंढना चाहिए। हमें हिंसा का सहारा लेने वालों की निंदा करनी चाहिए।
विरोध-प्रदर्शन में अब तक 5 की मौत
आपको बात दें कि मिनियापोलिस ( Minneapolis ) शहर में पुलिस कस्टडी में अश्वेत अमरीकी नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के विरोध में पूरे देश में हिंसात्मक प्रदर्शन हो रहा है। इस प्रदर्शन में अब तक कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई घयाल हुए हैं। इस बीच पुलिस ने चार हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। प्रदर्शनकारियों ने अब तक अरबों डॉलर की संपत्ति का नुकसान पहुंचाया है।
प्रदर्शन की यह आग व्हाइट हाउस तक भी पहुंच गया। प्रदर्शनकारियों ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( US President Donald Trump ) के निवास के करीब जमकर उपद्रव मचाया। इतना ही नहीं उग्र भीड़ ने इमारतों पर फहरा रहे अमरीकी राष्ट्रीय ध्वज को भी आग के हवाले कर दिया।
लिहाजा जार्ज फ्लॉयड की मौत के बाद करीब एक हफ्ते में अमरीका में हालात बेकाबू होने के साथ ही 40 शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।