George Floyd Death: प्रदर्शन में शामिल हुईं ट्रंप की बेटी Tiffany, नस्लीय भेदभाव के खिलाफ उठाई आवाज

HIGHLIGHTS

  • अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( President Donald Trump ) की सबसे छोटी बेटी टिफनी ट्रंप ने अफ्रीका-अमरीकियों ( Africa-Americans ) के खिलाफ नस्लीय भेदभाव ( protests against racial discrimination ) और पुलिस की बर्बरता ( police brutality ) के खिलाफ आवाज उठाई है।
  • टिफनी ने लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता हेलेन केलर ( Helen keller ) के एक उद्धरण के साथ एक काले रंग की तस्वीर इंस्टाग्राम पर पोस्ट की है।

By: Anil Kumar

Published: 04 Jun 2020, 07:20 PM IST

वाशिंगटन। अमरीका ( America ) में अश्वेत नागिरक जॉर्ज फ्लॉयड ( George Floyd ) की पुलिस कस्टडी में मौत के खिलाफ लगातार व्यापक उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं और अब इन प्रदर्शनकारियों को अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( President Donald Trump ) की बेटी टिफनी ट्रंप ( Tiffany Trump ) का साथ मिल गया है।

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सबसे छोटी बेटी टिफनी ट्रंप अफ्रीका-अमरीकियों ( Africa-Americans ) के खिलाफ नस्लीय भेदभाव ( protests against racial discrimination ) और पुलिस की बर्बरता ( police brutality ) के विरोध में आयोजित प्रदर्शन रैली में शामिल हुई। टिफनी ट्रंप अपने इंस्टाग्राम पर नस्लवाद और पुलिस की क्रूरता का विरोध करने वाले ब्लैकआउट मंगलवार अभियान ( Blackout Tuesday campaign ) में शामिल हुईं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक ब्लैक पेज शेयर करते हुए पूछा कि जॉर्ज फ्लॉयड की मृत्यु: अफ्रीकी-अमरीकियों और अन्य प्रमुख विवरणों के विरोध में अमरीका क्यों उग्र हो रहा है?

टिफनी ने लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता हेलेन केलर के एक उद्धरण के साथ एक काले रंग की तस्वीर पोस्ट की। उसमें उन्होंने लिखा 'अकेले हम बहुत कम हासिल कर सकते हैं, पर एक साथ हम बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं।' उन्होंने हैशटैग #blackoutTuesday और #justiceforgeorgefloyd के साथ अपने पोस्ट में विरोध जताया।

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बता दें कि अमरीका के कई शहरों में हो रहे प्रदर्शन से इतर सोशल मीडिया पर भी लोग कैंपेन चला रहे हैं। इस सोशल मीडिया अभियान का उद्देश्य जॉर्ज फ्लॉयड की मौत का विरोध करना है, जो मिनेसोटा में पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

अमरीका के कई शहरों में उग्र प्रदर्शन

आपको बता दें कि मिनियापोलिस में पुलिस हिरासत में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद पूरे अमरीका में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। बीते 9 दिन से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। उग्र हो रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए ट्रंप प्रशासन ने सेना को तैनात कर दिया है, जबकि कई शहरों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।

फ्लॉयड की मौत को नस्लीय भेदभाव के तौर पर पुलिस क्रूरता की एक अन्य घटना के रूप में देखा जा रहा है। इस घटना ने अफ्रीकी-अमरीकी अल्पसंख्यक के खिलाफ कानून प्रवर्तन के कथित पूर्वाग्रह को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

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राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'जॉर्ज फ्लॉयड की निर्मम हत्या से सभी अमरीकी दुखी हैं और उनके मन में एक आक्रोश है। जॉर्ज और उनके परिवार को इंसाफ दिलाने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मेरे प्रशासन की ओर से उन्हें पूरा न्याय मिलेगा। मगर देश के राष्ट्रपति के तौर पर मेरी पहली प्राथमिकता इस महान देश और इसके नागरिकों के हितों की रक्षा करना है।'

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