3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अमेरिका में एक और भारतीय शख्स की हत्या, पिज़्ज़ा डिलीवरी करने गया तो हमलावरों ने सिर में मारी गोलियाँ

US Gun Violence: अमेरिका में गन वॉयलेंस का आतंक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब पेंसिल्वेनिया राज्य के फिलाडेल्फिया शहर में गोलीबारी का मामला सामने आया है और एक बार फिर एक भारतीय शख्स को निशाना बनाया गया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Tanay Mishra

•

Updated: 7 Jun 2026, 12:00 PM IST

Anshul Kuncha

अंशुल कुंचा (File Photo)

अमेरिका (United States of America) में गन वॉयलेंस (Gun Violence) यानी बंदूक की वजह से हिंसा के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। गन वॉयलेंस देश की एक गंभीर समस्या है और पिछले कई सालों से अमेरिका को इस समस्या ने जकड़ा हुआ है। अमेरिका में पब्लिक प्लेस और प्राइवेट प्लेस, हर जगह ही गन वॉयलेंस के मामले देखने को मिलते हैं। पिछले कुछ सालों में अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ हिंसा के मामले भी बढ़ रहे हैं। इसी तरह का मामला अब एक बार फिर अमेरिका में देखने को मिला है। यह घटना शुक्रवार को आधी रात के बाद (शनिवार तड़के सुबह) को पेंसिल्वेनिया (Pennsylvania) राज्य के फिलाडेल्फिया (Philadelphia) शहर की है, जब एक भारतीय शख्स अमेरिकी गन वॉयलेंस का शिकार बन गया।

पिज़्ज़ा डिलीवरी करने गए अंशुल की हत्या

फिलाडेल्फिया में रहने वाला 28 वर्षीय भारतीय शख्स अंशुल कुंचा (Anshul Kuncha) पढ़ाई कर रहा था और एक्स्ट्रा इनकम के लिए वीकेंड पर पिज़्ज़ा डिलीवरी या डोरडैश के लिए पार्ट-टाइम डिलीवरी का काम करता था। तेलंगाना (Telangana) के मेदचल-मल्काजगिरी (Medchal-Malkajgiri) जिले के गुंडलापोचंपल्ली (Gundlapochampally) गांव का रहने वाला अंशुल उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गया था। जब अंशुक को पिज़्ज़ा डिलीवरी का ऑर्डर मिला। वह नॉर्थ फिलाडेल्फिया के रेमंड रोजेन होम्स हाउसिंग कॉम्प्लेक्स, एजली स्ट्रीट पर पहुंचा। पता एक खाली जगह का था। अंशुल ने पिज़्ज़ा जैसा ही अंदर रखा, अचानक मास्क पहने दो हमलावरों ने उस पर गोलीबारी कर दी। हमलावरों ने अंशुल के सिर पर गोलियाँ मारी और घटनास्थल से फरार हो गए।

डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

पास से गुज़र रहे लोगों ने इस घटना के बारे में पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अंशुल को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

परिवार ने लगाया आरोप

अंशुल की हत्या के बाद उसके परिवार ने आरोप लगाया है कि यह एक फर्जी ऑर्डर था और अंशुल को जाल में फंसाने के लिए किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जिस फोन नंबर से ऑर्डर किया गया, पुलिस उसकी डिटेल्स और ऑर्डर करने वालों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। यह घटना विदेश में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करती है।

भारतीय वाणिज्यिक दूतावास है अंशुल के परिवार के संपर्क में

न्यूयॉर्क में स्थित भारतीय वाणिज्यिक दूतावास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "हम पेंसिल्वेनिया के फिलाडेल्फिया में भारतीय नागरिक अंशुल कुंचा के असामयिक निधन से बेहद दुखी हैं। इस कठिन समय में हम उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। दूतावास अंशुल के परिवार के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।"