अमरीका के साथ-साथ जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों ने रूसी राजनयिकों को ऐसे ऑर्डर दे दिए हैं।
वॉशिंगटन: सोमवार को ट्रंप प्रशासन की तरफ से एक बड़ा ऐलान किया गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमरीका में रह रहे 60 रूसी राजनयिकों को फौरन देश छोड़ने का आदेश दे दिया है। सिर्फ अमरीका ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों ने रूसी राजनयिकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों ने रूस पर की कार्रवाई
जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने भी चार रूसी राजनयिकों को निष्कासित करने की आधिकारिक पुष्टि की है। आपको बता दें कि रूस के खिलाफ ये एक्शन ब्रिटेन में पूर्व रूसी जासूस पर केमिकल अटैक के मामले में लिया है। इस मामले में अन्य यूरोपीय देशों ने भी रूसी राजनयिकों पर कार्रवाई की बात कही है।
ट्रंप ने सिएटल में स्थित रूसी दूतावास को बंद करने का दिया आदेश
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 60 रूसी राजनयिकों को देश छोड़ने के आदेश के साथ-साथ सिएटल में रूस के वाणिज्य दूतावास को भी बंद करने का आदेश दिया है। अमरीका के अलावा पांच यूरोपियन देशों जर्मनी, पोलैंड, फ्रांस, यूक्रेन और लैटविया ने भी रूसी राजनयिकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इस मामले में अन्य यूरोपीय देशों ने भी रूसी राजनयिकों पर कार्रवाई की बात कही है।
यूरोपीय यूनियन ने कार्रवाई का पहले ही दे दिया था संकेत
हालांकि रूस पर इस कार्रवाई का अंदेशा तभी लग गया था, जब पिछले हफ्ते यूरोपीय यूनियन के नेता इस बात को लेकर सहमत हुए थे कि दक्षिणी इंग्लैंड में पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रिपल और उनकी बेटी यूलिया पर नर्व एजेंट से हमले के पीछे रूस का हाथ था। हालांकि रूस ने इन आरपों को सिरे से ख़ारिज कर दिया है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ब्रिटेन और उसके सहयोगी देशों के इन आरोपों को बेतुका बताते हुए खारिज कर दिया था।
आपको बता दें कि रूस के सेवानिवृत सैन्य खुफिया अधिकारी स्क्रिपल को ब्रिटेन के लिए जासूसी करने के आरोप में रूस ने साल 2006 में 13 वर्ष की सजा सुनाई थी। हालांकि, बाद में उन्हें माफी मिल गई थी और ब्रिटेन ने उन्हें नागरिकता दे दी थी। वह तब से ब्रिटेन में ही रह रहे हैं।