अमरीका

नॉर्थ कोरिया पर भड़के ट्रंप, कहा- दोनों देशों के बीच बातचीत की गुंजाइश खत्म

ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि अपनी ऊर्जा बचाओ रेक्स, जो कुछ किया जाना जरूरी है, हम वो करेंगे।
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Updated: 2 Oct 2017, 9:19 AM IST
trump

नई दिल्ली। परमाणु कार्यक्रम को लेकर नॉर्थ कोरिया और अमरीका के बीच चली आ रही तनातनी का बातचीन से कोई रास्ता निकलता दिखाई नहीं दे रहा है। यह बात खुद अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार की है। ट्रंप ने कहा कि प्योंगयांग से बातचीत करना समय की बर्बादी करना है। ट्रंप की ओर यह बयान अमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन के उस बयान के बाद आया जिसमें उन्होंने कहा था कि प्योंगयांग से बातचीत का दौर जारी है।

अपनी ऊर्जा बचाओ रेक्स

रेक्स टिलरसन के बयान की जानकारी के बाद ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि अपनी ऊर्जा बचाओ रेक्स, जो कुछ किया जाना जरूरी है, हम वो करेंगे। रविवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने नॉर्थ कोरिया के लीडर किम जोंग उन के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि मैंने अपने बेहतरीन विदेश मंत्री टिलरसन से कहा कि उस लिटिल रॉकेटमैन से वार्ता के प्रयास में समय नष्ट न किया जाए। ट्रंप के बयान को लेकर बाद में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत की गुंजाइश कम है, इसलिए राष्ट्रपति को लगता है कि यह बातचीत का समय नहीं है।

...तो नहीं बच पाएंगे लिटिल रॉकेट मैन

उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया था। इसके बाद अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड टं्रप ने ट्वीट कर उत्तर कोरिया को धमकी दी थी। ट्रंप ने पलटवार करते हुए लिखा था कि उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग हो अगर लिटिल रॉकेट मैन की तरह ही बातें करेंगे तो किम जोंग उन और वह Óयादा समय तक बच नहीं पाएंगे। अमरीका और अंतरराष्ट्रीय दबाव और तमाम पाबंदियों के बावजूद उत्तर कोरिया ने पिछले हफ्तों में बैलेस्टिक मिसाइलों का परीक्षण जारी रखा था। उत्तर कोरिया के नेताओं का कहना है कि उनके परमाणु हथियार केवल सुरक्षा के लिए हैं और उन ताकतों के खिलाफ हैं, जो उसे बर्बाद करने की नीयत रखते हैं।

अमरीका ने उड़ाए थे बमवर्षक विमान

अमरीका ने 18 सितंबर और 24 सितंबर को उत्तर कोरिया की सीमा के ऊपर से अपने बमवर्षक विमान बी-1बी लांसर उड़ाए थे। पेंटागन की प्रवक्ता टाना व्हाइट ने शनिवार को कहा था कि इस मिशन का मकसद ये दिखाना था कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास किसी भी खतरे से निपटने के लिए कई सैन्य विकल्प मौजूद हैं।

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