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अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट्स के बहुमत से भारत को क्या फायदा? बाइडेन के पूर्व सलाहकार बोले- टैरिफ वाला ड्रामा होगा बंद

India-US Relations: अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की संभावित जीत के बीच जो बाइडेन के पूर्व सलाहकार अजय जैन भूटोरिया ने भारत-अमेरिका संबंधों में स्थिरता आने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में डेमोक्रेट्स की मजबूत स्थिति से ट्रंप प्रशासन की टैरिफ और खर्च संबंधी नीतियों पर निगरानी बढ़ सकती है।
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भारत

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Anand Shekhar

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Updated: 4 Nov 2026, 10:07 AM IST

US Midterm Elections 2026

जो बाइडेन के पूर्व सलाहकार अजय जैन भूटोरिया (फ़ोटो- AI Generated)

US Midterm Elections 2026: अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त के बीच भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के पूर्व सलाहकार अजय जैन भुटोरिया ने उम्मीद जताई है कि अगर डेमोक्रेट्स अमेरिकी कांग्रेस में बहुमत हासिल कर लेते हैं, तो इससे भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में और अधिक स्थिरता आ सकती है। उनके अनुसार, इससे दोनों देशों के बीच नीतियां व्यक्तिगत बयानों या सोशल मीडिया पोस्ट के बजाय, संस्थागत और नियमों पर आधारित तरीके से तय हो सकेंगी।

भारत पर क्या होगा असर?

अगर अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेट्स को बहुमत मिलता है, तो भारत पर पड़ने वाले संभावित असर के बारे में भुटोरिया का कहना है कि इससे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में स्थिरता और स्पष्टता आएगी। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेट्स ने हमेशा दोनों लोकतंत्रों के बीच एक मजबूत साझेदारी का समर्थन किया है। उन्हें उम्मीद जताई कि कांग्रेस में पार्टी की स्थिति मजबूत होने से भारत के प्रति अमेरिका की नीति अधिक स्थिर और नियमों पर आधारित होगी।

ट्रंप प्रशासन के दौरान टैरिफ नीतियों का उदाहरण देते हुए भुटोरिया ने कहा कि एक दिन 50 फीसदी टैरिफ की घोषणा और अगले दिन 100 फीसदी टैरिफ की बात जैसे फैसलों के बजाय अब नीतियां अधिक औपचारिक और संस्थागत प्रक्रियाओं के जरिए बनाई जा सकती हैं। भूटोरिया ने कहा कि वह ऐसी व्यवस्था की उम्मीद कर रहे हैं, जिसमें भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने के लिए स्थिर, नियम आधारित और कांग्रेस की भागीदारी वाली नीति अपनाई जाए।

अजय जैन भुटोरिया ने आगे कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी फेयर इमिग्रेशन और आम कामकाजी लोगों के लिए रहने का खर्च कम करने पर फोकस करने वाले एजेंडा के लिए कमिटेड है। इससे अमेरिका में रहने, काम करने या पढ़ाई करने वाले भारतीय पेशेवरों, आईटी विशेषज्ञों और छात्रों को सीधा लाभ मिल सकता है, जिनमें से कई अक्सर कड़े वीजा प्रतिबंधों के साये में रहते हैं।

ट्रंप प्रशासन पर बढ़ेगी निगरानी

अमेरिकी संविधान के तहत, बजट, सरकारी खर्च या व्यापार नियमों से जुड़े किसी भी बड़े कानून को लागू करने के लिए हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की मंजूरी अनिवार्य है। भुटोरिया ने कहा कि हाउस में डेमोक्रेट्स का बहुमत होने से ट्रंप प्रशासन के कामकाज पर निगरानी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि प्रशासन के फैसलों, खर्चों और कथित अनियमितताओं की अब और अधिक बारीकी से जांच की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अब ट्रंप प्रशासन कांग्रेस की समीक्षा के बिना मनमाने वित्तीय फैसले नहीं ले सकेगा, न ही बजट में कटौती कर सकेगा और न ही विदेशी सैन्य अभियानों को आगे बढ़ा सकेगा। अब हर नीतिगत प्रस्ताव को कांग्रेस की जांच से गुजरना होगा और दोनों दलों के बीच गहन बातचीत होगी। इससे भारत जैसे अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को विदेश नीति में होने वाले अचानक और अप्रत्याशित बदलावों के खिलाफ एक सुरक्षा कवच मिलेगा।

पिया डंडिया की जीत को बताया दीवाली का तोहफा

अमेरिकी संसद में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रतिनिधित्व पर खुशी जताते हुए भुटोरिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में पिया डंडिया की जीत को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि उनकी जीत पूरे भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए बहुत गर्व की बात है और यह एक दीवाली के तोहफे की तरह है। उन्होंने एरिजोना से चुनाव लड़ रहे डॉ. अमीश शाह की संभावित जीत को लेकर भी उम्मीद जताई। कैलिफ़ोर्निया सहित अन्य क्षेत्रों के नतीजों पर भुटोरिया ने विश्वास जताया कि ये चुनाव अमेरिका की राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को एक नई दिशा देगा।

240 सीटों के साथ डेमोक्रेट्स को बहुमत

अजय जैन भुटोरिया ने मिडटर्म चुनाव के शुरुआती नतीजों और रुझानों को डेमोक्रेट्स के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में एक 'ब्लू वेव' या शायद एक 'ब्लू सुनामी' चल रही है। भुटोरिया के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में लगभग 240 सीटों के साथ मजबूत बहुमत हासिल करने की स्थिति में है। इसके अलावा, इस बात की भी संभावना है कि डेमोक्रेटिक पार्टी 52-48 के अंतर से सीनेट पर भी नियंत्रण हासिल कर लेगी।