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डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, इज़रायल को अमेरिका की तरफ से दी जाने वाली सालाना 37 हज़ार करोड़ की सैन्य सहायता होगी बंद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़रायल को दी जाने वाली सालाना 37 हज़ार करोड़ की सैन्य सहायता बंद करने के फैसला लिया है।
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भारत

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Tanay Mishra

•

Updated: 3 Nov 2026, 8:38 PM IST

Donald Trump

डोनाल्ड ट्रंप (File Photo)

अमेरिका (United States of America) में मिडटर्म चुनाव की शुरुआत हो गई है। देशभर में लोग पोलिंग स्टेशन पर जाकर वोट दे रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है। ट्रंप ने बताया कि इज़रायल (Israel) को अमेरिका की तरफ से दी जाने वाली सालाना 4 बिलियन डॉलर (करीब 37 हज़ार करोड़) की सैन्य सहायता बंद कर दी जाएगी।

कब से प्रभाव में आएगा यह फैसला?

ट्रंप ने बताया कि 2026 के अंत में अमेरिका की तरफ से इज़रायल को दी जाने वाली सालाना 37 हज़ार करोड़ की सैन्य सहायता बंद कर दी जाएगी। ट्रंप ने मीडिया चैनल पर इस बात की घोषणा की।

नेतन्याहू से हुआ समझौता

ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) से इस मामले पर बात की और कुछ महीने पहले ही दोनों के बीच इस पर समझौता हुआ। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू ने खुद यह प्रस्ताव रखा था कि अमेरिका की तरफ से उनके देश को दी जाने वाली सहायता बंद कर दी जाए, क्योंकि इज़रायल अब आत्मनिर्भर हो गया है। हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि ज़रूरत पड़ने पर अमेरिका की तरफ से इज़रायल की मदद की जाएगी और इज़रायल, अमेरिकी हथियारों की खरीद जारी रख सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नेतन्याहू पहले भी इज़रायल की अमेरिकी सहायता पर निर्भरता कम करने की बात कह चुके हैं।

मिडटर्म चुनाव में पार्टी की स्थिति को देखने को की घोषणा?

ईरान के खिलाफ युद्ध की वजह से अमेरिका में बढ़ी महंगाई के कारण ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग लगातार गिर रही है। अमेरिका में हो रहे मिडटर्म चुनाव में उनकी रिपब्लिकन पार्टी के सामने बड़ी चुनौती रहेगी, क्योंकि डेमोक्रेटिक पार्टी का पलड़ा भारी बताया जा रहा है। अमेरिका में कई लोग इस बात से नाराज़ हैं कि टैक्सपेयर्स के पैसे से इज़रायल की सैन्य सहायता की जाती है और फिर इज़रायल, अमेरिका से मिली सैन्य सहायता का इस्तेमाल गाज़ा और लेबनान में जंग के लिए करता है। यह मुद्दा घरेलू राजनीति में भी बहस का विषय बना हुआ है। ऐसे में यह भी कहा जा सकता है कि ट्रंप ने आज के दिन इस बात की घोषणा इसलिए की जिससे मिडटर्म चुनाव में उनकी पार्टी को फायदा मिल सके।