रूस ने अमेरिकी चुनावों में दखल के आरोपों को खारिज किया है।
अमेरिका में 2016 में हुए राष्ट्रपति चुनाव के दौरान जांच एजेंसी एफबीआई ने रूस के दखल के बारे में अशंका जताई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि इसके बावजूद तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया। नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के सिलसिले में नेवादा में एक रैली के बाद ट्रंप अमेरिकी चुनावों में रूस के कथित दखल से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे। जबकि रूस ने अमेरिकी चुनावों में दखल के आरोपों को खारिज किया है।
मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि- ‘मैंने पहले ही कह दिया है और हमेशा कहता हूं कि एफबीआई ने सितंबर में राष्ट्रपति ओबामा से संपर्क किया और उन्हें बताया कि रूस की ओर से दखलंदाजी की जा सकती है। किंतु उन्होंने इस संबंध में कुछ नहीं किया। क्योंकि उन्होंने सोचा कि हिलेरी क्लिंटन जीतेंगी।’
ट्रंप ने कहा कि मौजूदा सरकार ने आगामी चुनावों की ‘रक्षा’ के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं। रक्षा के लिए काफी कुछ किया है।
बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले आरोप लगाया था कि रूस के साथ-साथ चीन ने भी 2016 के राष्ट्रपति चुनावों में दखलंदाजी की थी। पिछले महीने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए ट्रंप ने आरोप लगाया था कि चीन 2018 के मध्यावधि चुनावों में दखलंदाजी का प्रयास कर रहा है। चीन नहीं चाहता कि मैं राष्ट्रपति पद पर दिखूं। जबकि चीन ने ट्रंप की ओर से लगाए गए इन आरोपों को खारिज किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स क अनुसार- ट्रंप ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर कहा है कि चीन ने 2016 के राष्ट्रपति चुनावों में दखल दिया। एक टीवी शो के दौरान ट्रंप ने कहा कि- रूस ने तो ऐसा किया ही, मेरा मानना है कि चीन ने भी दखलंदाजी की।’