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अमरीका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लगाई सऊदी पत्रकार की मौत पर मुहर, सऊदी अरब को गंभीर परिणाम की चेतावनी

सऊदी अरब ने जमाल खशोगी के गायब होने के पीछे अपना हाथ होने से इंकार किया है।
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नई दिल्ली

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Siddharth Priyadarshi

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Updated: 19 Oct 2018, 11:33 AM IST

वाशिंगटन ।राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वह मानते हैं कि पत्रकार जमाल खशोगी मर चुके हैं। उन्होंने सऊदी अरब को धमकाते हुए कहा कि इस मामले में अमरीकी प्रतिक्रिया बहुत गंभीर होगी, लेकिन अभी जो कुछ भी हुआ है, अमरीका उसकी तह तक पहुंचना चाहता है। उधर इस्तांबुल में दूसरी बार तुर्की जांचकर्ताओं ने सऊदी वाणिज्य दूतावास की जांच की जहां अमरीकी निवासी खशोगी गायब हो गए थे। खशोगी वाशिंगटन पोस्ट में स्तंभकार थे जो क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बड़े आलोचक थे। वह 2 अक्टूबर को गायब हो गए थे जिसके बाद दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रिया हुई।

ट्रंप ने स्वीकार की खशोगी की मौत

ट्रंप ने पहली बार स्वीकार किया कि खशोगी की मौत हो गई है। ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, "यह निश्चित रूप से मेरे लिए बहुत दुःख की बात है। ट्रंप ने सऊदी अरब और तुर्की के साथ विदेश सचिव माइक पोम्पियो की आपातकालीन वार्ता के परिणामों पर ब्रीफिंग के बाद यह बयान जारी किया। बता दें कि माइक पोम्पियो ने अपनी बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने ट्रंप को सलाह दी है कि खशोगी के गायब होने की जांच पूरी करने के लिए सऊदी अरब को कुछ और समय दे दिया जाय। उधर तुर्की के अधिकारियों का मानना है कि सऊदी पत्रकार की हत्या वाणिज्य दूतावास में हुई थी और उनके शरीर को टुकड़ों में काटकर कहीं और ले जाया गया था।

क्या कहा ट्रंप ने

ट्रंप ने कहा कि वह इस मामले में जांच परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे हैं ताकि जल्द ही इसके आधार तक पहुचं जाएं। यह पूछे जाने पर कि सऊदी अरब के लिए नतीजे क्या होंगे, ट्रंप ने कहा कि अरब देश को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा," हम देखेंगे कि हम क्या कर सकते हैं।" उधर सऊदी अरब ने खगोशी के गायब होने में शामिल होने से इंकार कर दिया है।

असमंजस में अमरीका

अमरीका से जो संकेत मिल रहे हैं उसे देखकर ऐसा लगता है कि यह उसके लिए एक संदेह की स्थिति है। संयुक्त राज्य अमरीका इस मामले में क्या करेगा, कयास लगाए जा रहे हैं कि इसको लेकर ट्रंप, पोम्पियो और उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच आंतरिक मतभेद हैं। यानी कुल मिलाकर ऐसा जमाल खशोगी को लेकर सऊदी अरब के ऊपर क्या एक्शन हो, इसको लकेर अमरीका उपापोह की हालत में है। पोम्पियो ने ट्रंप के साथ बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि सऊदी अरब आतंकवाद के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण साथी रहा है।