
वाशिंगटन। कैपिटॉल हिंसा ( Capitol Violence ) को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ने वाली है। सोमवार को डेमोक्रेटिक पार्टी ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने को लेकर सोमवार को प्रस्ताव पेश किया, जिसमें ये कहा गया कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने समर्थकों को दंगा से पहले उकसाया और उन्हें कैपिटॉल में भेजा।
ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप के लिए कानूनी खतरा बढ़ गया है और अब उन्हें कानूनी प्रावधानों का सामना करना पड़ सकता है। अब सवाल ये है कि क्या ट्रंप पर आपराधिक कानून लागू हो सकता हैं? यदि कोर्ट में इस बात को प्रमाणित किया गया कि ट्रंप ने जानबूझकर अपने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया, तो उन्हें कई कानूनी प्रावधानों का सामना करना पड़ सकता है। अब राष्ट्रपति ट्रंप के पास बचने के क्या उपाय हो सकते हैं?
अमरीकी कानून में धारा 373 के तहत यदि कोई संपत्ति या किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ शारीरिक बल का प्रयोग कर गुंडागर्दी करता है तो उसे सजा हो सकती है। मुख्य संघीय कानून की धारा 2101 के तहत दंगा भड़काने के खिलाफ पर कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा कोलंबिया में आपराधिक कानून की धारा 1322 के तहत भी दंगा भड़काने पर सजा हो सकती है। ऐसे में अब सवाल है कि क्या ट्रंप पर राष्ट्रपति रहते हुए इस तरह के आरोप लगाए जा सकते हैं?
राष्ट्रपति रहते ट्रंप पर चल सकता है मुकदमा?
कैपिटल हिल में बवाल के बाद व्हाइट हाउस के कानूनी सलाहकार पैट सिपोलोन ने ट्रंप से कहा कि दंगा भड़काने को लेकर उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, अमरीकी संविधान में ऐसा प्रावधान है कि पद पर रहते हुए किसी राष्ट्राध्यक्ष पर आरोप नहीं लगाए जा सकते हैं और अब तक अदालत ने भी इसको लेकर कोई फैसला भी नहीं सुनाया है।
न्याय विभाग ने वाटरगेट के दौरान निक्सन प्रशासन के साथ डेटिंग और व्हाईटवाटर-लेविंस घोटाले में क्लिंटन प्रशासन द्वारा पुन: इस बात की पुष्टि की गई कि पद पर रहते हुए अध्यक्ष पर अपराध का आरोप नहीं लगाया जा सकता है।
पदमुक्त होने पर ट्रंप पर आरोप लगाना होगा आसान?
अब ये भी सवाला है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप के पदमुक्त होने के बाद उनपर कार्रवाई की जा सकती है? कानून विशेषज्ञों के मुताबिक, नहीं। जानकारों का कहना है कि ट्रंप र आरोप लगाने के लिए राजनीतिक बाधाओं के अलावा न्याय विभाग प्रसिडेंट-इलेक्ट जो बिडेन के तहत काम करेगा, जिससे वहां पर कई कानूनी चुनौतियां होंगी।
संविधान के पहले संशोधन में अभिव्यक्ति के अधिकार को संरक्षित किया गया है, ऐसे में अभियोजन पक्ष पर आरोप प्रूफ करने का जिम्मेदारी होगी। मुख्य सर्वोच्च न्यायालय ने 1969 में सत्तारूढ़ ब्रैंडेनबर्ग बनाम ओहियो के एक मामले में माना कि जब तक कि अराजक कार्रवाई के लिए न उकसाया जाए उसे दोषी नहीं माना जा सकता है।
ऐसे में ट्रंप ने अपने समर्थकों को संबोधित किया और एक कठिन लड़ाई लड़ने के लिए निर्देशित करते हुए कैपिटॉल पर मार्च करने के लिए भेजा। लेकिन उनके भाषण में ये स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने अपराध के लिए समर्थकों को उकसाया। ट्रंप ने कहा कि मुझे पता है जल्द ही कैपिटॉल भवन में शांति और देशभक्ति की आवाज सुनाई देगी।
ट्रंप को चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है?
अब ये सवाल है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप को आगे चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जा सकता है? जानकारों के अनुसार, हां। जानकारों का कहना है कि यदि सदन द्वारा महाभियोग के बाद सीनेट के मुकदमे में दोषी ठहराया जाता है या न केवल दंगा भड़काने के लिए अदालत में दोषी ठहराया जाता बल्कि संघीय सरकार के खिलाफ एक हिंसक कार्रवाई के लिए उकसाना सिद्ध होता है तो संविधान के 14वें संशोधन के तहत उन्हें भविष्य में चुनाव लड़ने के लिए रोका जा सकता है।